ICC ने टी-20 क्रिकेट में कुछ अहम बदलाव किए हैं, जिसके बारे में जानना आवश्यक है। आईसीसी में बदलाव करते हुए उन टीम पर पेनल्टी लगाने का फैसला किया है जो निर्धारित ओवर रेट से धीमी गति से गेंदबाजी करवाते हैं।

आईसीसी ने बदलाव करते हुए कहा है कि अगर कोई टीम ऐसा करती है तो अंतिम ओवरों में उसे अपना एक फिल्डर 30 गज के दायरे के अंदर खड़ा करना होगा । और अब ड्रिंक्स के लिए टीमों द्वारा ड्रिंक्स इंटरवल भी लिया का सकेगा। नियमों के अनुसार निर्धारित समय में अगर कोई टीम ओवर नहीं करवा पाते हैं तो बाकी बचे हुए ओवरों में टीम के फिल्डर में से एक फिल्डर 30 गज के दायरे में खड़ा होगा।

 

अभी मौजूदा नियम यह है कि पावर प्ले खत्म हो जाने के बाद पांच खिलाड़ी 30 गज के दायरे के बाहर खड़े होते हैं लेकिन इस नियम के बाद ऐसा नहीं होगा और अंतिम ओवरों में ऐसा होने से बैटिंग करने वाले टीम को काफी फायदा होने वाला है और वे बड़े बड़े शॉट खेलने में सक्षम हो पाएंगे। यह सभी नियम इसी महीने में शुरू हो रही वेस्टइंडीज और आयरलैंड के मुकाबलों से लागू होंगे।

आईसीसी का बयान: आईसीसी ने यह फैसला इंग्लैंड में हो रही द हंड्रेड टूर्नामेंट में देखने के बाद लिया है। आईसीसी के पहले के नियमों के अनुसार तय समय में गेंदबाजी कराने वाली टीम का आखिरी ओवर शुरू हो जाना चाहिए अगर ऐसा नहीं हो पाता है तो जितने भी ओवर बच जाते हैं उनमें अब एक अतिरिक्त खिलाड़ी 30 गज के दायरे के अंदर खड़ा करना पड़ेगा।

 

ऐसा करने से अतिरिक्त समय लग रहा है उसमें कमी आएगी। और ड्रिंक्स ब्रेक की बात करते हुए बताया है कि प्रत्येक पारी में एक 2.5 मिनट का ड्रिंक ब्रेक लिया जा सकेगा और यह ब्रेक तभी लिया जा सकेगा जब सीरीज शुरू होने से पहले दोनों टीमें इसके लिए सहमत होंगी।