राजधानी पटना स्टेशन के साथ साथ में अन्य प्रमुख स्टेशनों पर ट्रेनों के आते ही टिकट निरीक्षक अथवा टिकट संग्राहक प्लेटफार्म ही नहीं, बल्कि फुटओवर ब्रिज तक टिकट जांच करने पहुंच जाते हैं। इतना ही नहीं, जहां पर CCTV कैमरा नहीं होता है वह पर जाकर के टिकट जांच करते हैं। इस दौरान इनके द्वारा भी यात्रियों से जबरन वसूली भी की जाती है।

कुछ ऐसा ही एक मामला मंगलवार को मंडल रेल प्रबंधक प्रभात कुमार जी के संज्ञान में आया। यात्री के द्वारा शिकायत किए जाने पर जब जांच कराई गई तो वो सही पाया गया। जिसके बाद 5 TTE को तुरंत निलंबित कर दिया गया।

मारपीट का आरोप लगाया गया TTE पर

मिली जानकारी के मुताबिक आप सभी को बता दे की मंगलवार की शाम को राजधानी पटना जंक्शन पर यात्रियों की भीड़ लगी हुई थी, क्योकि फुट ओवर ब्रिज पर भीड़ होने के बावजूद भी 5 TTE टिकट की जांच कर रहे थे। ठीक इसी बीच में किसी यात्री से टिकट को लेकर के आपस में तू-तू,मैं-मैं शुरू होने लगी। उस यात्री ने टिकट निरीक्षकों पर मारपीट करने का आरोप लगाया और इसकी शिकायत मंडल रेल प्रबंधक से जाकर के कर दी। मंडल रेल प्रबंधक के दोवारा निर्देश पर वरीय मंडल वाणिज्य अधिकारी आधार राज ने इस घटना की जांच कर के 5 TTE को दोषी पाते हुए उन्हें तुरंत ही निलंबित कर दिया गया।

इससे यात्रियों को होती है बहुत ही परेशानी

मिली जानकारी के अनुसार आपको बता दें कि ऐसी शिकायतें राजधानी पटना जंक्शन से ट्रेन पकड़ने को जाने वाले व दूसरे शहरों से आने वाले यात्रियो को पहले भी कर चुके हैं। किसी भी ट्रेनों के स्टेशन पर पहुंचते ही वह के प्लेटफार्म के साथ ही फुटओवर ब्रिज तक टिकट जांच करने वालो की TTE पहुंच जाते हैं। इसमें से सबसे बड़ी बात तो यह है कि जहां पर CCTV कैमरे नहीं लगे होते वहीं पर यह सभी अधिक सक्रियता दिखाई जाती है। जिससे की यात्रियों को बहुत ही परेशानी का सामना करना पड़ता है।