जनता दल यूनाइटेड के राज्यसभा में सदस्य महेंद्र प्रसाद का रविवार की रात को निधन हो गया। निधन के समय यह दिल्ली के अपोलो अस्पताल में भर्ती थे। उनके निधन पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने महेंद्र प्रसाद के भाई और बेटे को फोन करके शोक प्रकट किया है।

आपको बता दें कि महेंद्र प्रसाद को किंग महेंद्र के नाम से भी जाना जाता था। और इनके निधन से राजनीति के साथ-साथ व्यवसायिक जगत में भी शोक की लहर दौड़ गई है। क्योंकि वे एरिस्टो फार्मास्यूटिकल कंपनी और माप्रा लैबोरेट्रीज प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के मालिक थे । किंग महेंद्र शुरू से ही बिजनेस में रुचि रखते थे इसके लिए वे मुंबई चले गए थे और वही जाकर इन्होंने यह दोनों कंपनियां खोली । अब इनके निधन के बाद में हर तरफ यही बातें चल रही है कि व्यवसाय में भी यह बड़े कारोबारी थे और एक बड़े नेता भी थे तो अब इनके पीछे कितनी संपत्ति उनके वारिसों को मिलेगी।


किंग महेंद्र जब राज्यसभा चुनाव के लिए आवेदन किए थे तब उन्होंने शपथ पत्र में अपनी सारी संपत्ति के बारे में बताया था। इससे पता चलता है कि उनके पास 2910 करोड रुपए की अचल संपत्ति और लगभग 4000 करोड रुपए की कुल चल संपत्ति थी। मुंबई और दिल्ली के बैंकों में क्रम शहर 900 करोड़ और 13 सौ करोड रुपए जमा थे और उनके पास नगद के रूप में सिर्फ ₹2 लाख थे।

महेंद्र प्रसाद का राजनीतिक सफर: किंग महेंद्र के नाम से जाने जाने वाले नेता ने 1980 में कांग्रेस की तरफ से चुनाव लड़ कर जहानाबाद लोकसभा सीट पर विजय पाई थी, लेकिन 1984 में राजीव गांधी की हत्या के बाद हुए चुनावों में इन को जीत हासिल नहीं हुई। बाद में यह राज्यसभा के सदस्य के रूप में चुने गए थे।

व्यापार में कितने आगे:– दोस्तों किंग महेंद्र ने दो फार्मास्यूटिकल कंपनियां खोली थी जो की एरिस्टों और माप्रा है। एरिस्टों फार्मास्यूटिकल देश के टॉप 20 फार्मा कंपनियों में से एक है और इनका व्यवसाय श्रीलंका, वियतनाम, म्यांमार के अलावा यूरोपीय और अफ्रीकी देशों तक भी फैला हुआ था। और उनकी दूसरी कंपनी भी एक बड़ी कंपनी है। राज्यसभा सदस्य काफी लंबे समय से बीमार चल रहे थे उसके कारण उनको अपोलो हॉस्पिटल में भर्ती करवाया गया था और वहीं पर इनका निधन हो गया है।