एक बार फिर से कोरोना के कारण श्रद्धालु को मकर संक्रांति पर गंगा स्नान नहीं कर पाएंगे। इस पर बिहार के बक्सर, बेगूसराय और भोजपुर में स्थानीय प्रशासन के द्वारा गंगा स्नान पर रोक लगा दी गयी है। जिलों में कोरोना संक्रमण का ग्राफ भी बहुत ही तेजी से बढ़ता जा रहा है

 

ऐसे में जिला प्रशासन ने संक्रमण के फैलाव को कम करने के लिए कई ऐसे जरूरी कदम उठाए गए हैं। गाइडलाइन का पालन करने के साथ साथ में सोशल डिस्टेंसिंग पर भी पैनी नजर रखी जाएगी। मकर संक्रांति पर गंगा स्नान को बक्सर के रामरेखा घाट व बेगूसराय के सिमरिया घाट पर करीबन लाखों श्रद्धालु की भीड़ उमड़ते हैं। ऐसे में कोरोना संक्रमण के बढ़ने का खतरा भी होगा।

धारा 144 को किया पारित

भोजपुर में गंगा और सोन में स्नान और मेला-प्रदर्शनी पर डीएम के द्वारा रोक लगा दी गयी है। सीओ व थानाध्यक्षों को आदेश जारी कर के इसे पालन कराने की जिम्मेवारी सौंपी गयी है। नदियों में नावों का परिचालन नहीं होगा। सभी एसडीओ को धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा लागू करने की जिम्मेदारी सौपी गयी है। सभी सीओ व थानाध्यक्षों को जिम्मेवारी सौपी गई है कि वे गंगा व सोन नदियों के समीप कोई भी मुख्य घाटों पर बैरिकेडिंग कराकर के निगरानी रखेंगे, भीड़ नहीं हो इसलिए बक्सर में रामरेखाघाट व नाथ बाबा घाट के साथ साथ में 8 स्थानों पर दंडाधिकारी निगरानी रखी जाएगी।

 

कई घाटों पर आवाजाही को रोकने के लिए बैरिकेडिंग कर और जरुरत के अनुसार पुलिस बल की तैनाती भी की जाएगी। बेगूसराय के सिमरिया घाट, मटिहानी घाट और झमटिया घाट पर भी सतर्कता के लिए पुलिस बल के साथ साथ में मजिस्ट्रेट की भी तैनाती रहेगी। सारण जिले के डीएम ने मकर संक्रांति पर विधि व्यवस्था को बनाये रखने के लिए जरुरी गाइडलाइंस को जारी कर दी है। इसके तहत गंगा स्नान व मेले पर रोक भी लगयी गयी है। वहीं पर वैशाली में गंगा और गंडक तट पर तो धारा 144 को लागू कर रहे है।