महापर्व छठ पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड का मुख्य पर्व है. छठ पूजा के दौरान सूर्य देवता और उनकी बहन छठी मईया की भक्ति, पवित्रता और सादगी के साथ पूजा की जाती है.पूजा का आरंभ हां नहाय-खाय से होती है जो छठ का पहला दिन होता है. जबकि दूसरे दिन खरना मनाया जाता है।

वहीं, कल तीसरे दिन डूबते हुए सूर्य की पूजा और चौथे दिन उगते हुए सूर्य को अर्घ्य देने साथ ही यह पर्व संपन्न हो जाएगा.खरना के दिन व्रती पूरा दिन व्रत रखते हैं और शाम को मिट्टी के चूल्हे पर गुड के खीर का प्रसाद बनाते हैं. शाम को पूजा संपन्‍न होने के बाद इस गुड़ की खीर को प्रसाद के रूप व्रती ग्रहण करता है।

9 नवंबर को खरना- खरना छठ पूजा का दूसरा दिन होता है. यह कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को होता है. इस दिन सूर्योदय 6 बजकर 03 मिनट पर और सूर्यास्त 5 बजकर 04 मिनट पर होगा।

10 नवंबर को डूबते सूर्य को अर्घ्य- इस दिन ही छठ पूजा होती है. इस दिन शाम को सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है. इस दिन सूर्यादय 6 बजकर 03 मिनट पर और सूर्यास्त 5 बजकर 03 मिनट पर होगा।