भारत के कई ग्रामीण इलाकों में जैसे की बड़े-छोटे गावों में आज भी बड़े या बुजुर्ग आज भी डंडे या छड़ी के सहारे ही चलते हैं। लेकिन यह डंडे या छड़ी बनती कहाँ हैं? क्या आपने कभी सोचा है। तो जानकारी के लिए आपको बता दे की जो भी बड़े बुजुर्ग की चलने वाली ये तार की बनी हुई छड़ी बिहार राज्य के एक जिलें में बनाकर तैयार की जाती है। जानकारी के लिए आपको बता दे की यह खास तार से बनी हुई छड़ी बिहार राज्य के वैशाली जिले में बनाकर तैयार की जाती है, और इसे के साथ साथ यह तार की बनी हुई छड़ी बड़े या बुजुर्गों के वृद्धवस्था का एक सहारा सी बन जाती है, जो की केवल और केवल बिहार के वैशाली में ही बनायीं जाती है। वही वैशाली जिले के अकबरपुर मलाही गांव में कई परिवार दशकों से इस कारोबार को करते है।

कई सालो से करते है ये छड़ी बनाने का काम
जानकारी के लिए आपको बता दे की अकबरपुर के मलाही गांव में रहने वाले महिला और पुरूष पिछले कई सालों से अपने इस हुनर के बदौलत गांव को अंतरराष्ट्रीय मानचित्र पर लाने की निरन्तर कोशिश करते रहते है। यहां की बनने वाली बैसाखी और नवाब की छड़ी की भी बहुत ज्यादा मांग होती है। जिसकी सबसे खास बात यह होती हैं की यह केवल भारत के बिहार राज्य के इस खास जिलें में ही बनाई जाती हैं, और इसी गांव में बनायीं जाती है और यहाँ की बनी हुई छड़ी महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश से लेकर पुरे देश भर में सप्लाई का काम भी किया जाता है।