बरसों पहले हमारे बिहार राज्य के लिए एक कहावत हमेशा ही सुनने को मिलती है, एक बिहारी सौ पर भारी। कुछ ऐसा ही कारनामा एक बार फिर से बिहार राज्य के इस लाल ने कर के दिखाया है जिसके बाद तो पूरे बिहार का सर गर्व से ऊंचा हो गया है।

मिली जानकारी के अनुसार बताया जाता है कि केवल और केवल 18 साल की इतनी कम उम्र में बिहार के इस प्लान में अपने बिजनेस आइडिया के दम पर आर्यन ने अमेरिका की एक बहुत ही बड़ी कंपनी में बोर्ड मेंबर की टीम में अपनी जगह बना ली है, जो की आज बिहार के युवाओं के साथ साथ में पुरे देश दुनिया के युवाओं के लिए एक मिसाल बन गया हैं।

18 साल में अमेरिकन कंपनी में शामिल

मिली जानकारी के अनुसार आपको बता दे की केवल 18 साल की ही उम्र में बिहार राज्य के मुजफ्फरपुर जिले के आर्यन जो की एक अमेरिकन कंपनी के बोर्ड में मेम्बर के रूप में शामिल हो गए हैं। आज के चार साल पहले जब 9वीं कक्षा में पढ़ाई के दौरान आर्यन ने बरमुडा ट्राएंगल में एक रहष्य को सुलझाने के लिए एक डॉक्यूमेंट्री बनाई थी। उस समय आर्यन ने अपने तीन और दोस्तों के साथ इसे बनाया था और बच्चों की इस सोच और खोज ने बराक ओबामा से लेकर के भारत के राष्ट्रपति कोविंद समेत अन्य लोगो ने सराहा था।

जिसके बाद तो यूएनडीपी ने इन बच्चों की एक थिसिस को एचआरडी के पास भी भेजा था। साल 2017 में आर्यन का यह एक रिसर्च आया था। आर्यन को इतनी ही कम उम्र में अपने बिजनेस आइडिया को लेकर के अमेरिकन कंपनी में बतौर बोर्ड मेम्बर के तोर पर शामिल होने का मौका मिला है।

पढाई और सपनो को पूरा करने की कोई भी उम्र नहीं होती

आर्यन को जब पढ़ाई के दौरान ही नये बिजनेस आइडिया को लेकर के काम करने का जुनून सा हो गया था। ऐसे में आर्यन अलग-अलग प्लेटफॉर्म से जुड़ कर के काम किया करते थे। इसी दौरान बहुत से ऑनलाइन कोर्स किए, जिनमें से एक हार्वर्ड यूनिवर्सिटी से टेक्नोलॉजी इंटरप्रन्योरशीप, किंग्स कॉलेज लंदन से सर्टिफिकेट कोर्स आदि बहुत से कोर्स इसमें शामिल हैं।

आर्यन के अनुसार अमेरिकन कंपनी एक विंगनेट डिजिटल मोबाइल के साथ में कम्पयूटर गेम्स डेवलप भी करती है। आर्यन ने एक एडवेंचर गेम्स को डेवलप किया और अब इस कंपनी के बोर्ड मेम्बर में शामिल हो गए। कलमबाग चौक के रहने वाले आर्यन के पिता संजय शर्मा की मृत्यु अप्रैल 2021 में हो गई थी। मां सोनी के साथ साथ अपने हौसलों के बल पर आर्यन आगे बढ़ने की कोशिश कर रहे थे। आर्यन कहते हैं कि सपनों को पूरा करने के साथ में आगे बढ़ने की कोई उम्र तय नहीं होती है।