स्वजनों की रजामंदी से यह शादी तय होने के बाद भी वर- बधू का प्रेम इस कदर परवान चढ़ गया कि दोनों ने चार महीने तक का इंतजार नहीं करने का फैसला ले लिए और बधू को उसके घर से वर लेकर के भाग आया। यह घटना बैरिया गांव की है। बाद में इन दोनों ने परिवारों की सहमति से सोमवार को मुखिया के दरवाजे पर इस शादी करा दी गई है।

दरअसल, हुआ यह है कि बैरिया के बीरा मुखिया के पुत्र विकास कुमार व पूर्वी चंपारण जिले के रामगढ़वा थाना क्षेत्र के अधकपरिया गांव निवासी विश्वनाथ मुखिया की पुत्री पूजा कुमारी की शादी दोनों परिवारों की सहमति से होने जा रही थी। शादी की तिथि मई महीने में रखी गयी थी। ठीक इस बीच में शादी तय होने के बाद से लड़का- लड़की दोनों ने आपस में मोबाइल पर बात करना शुरू कर दिए।

लॉकडाउन के डर से भागकर के कर ली शादी

दोनों का प्यार इतना परवान चढ़ गया की दोनों ने मई तक का भी इंतजार करना उनके लिए मुश्किल हो रहा था। फिर वर पक्ष के विकास कुमार ने बताया की इसबीच में कोरोना की भी रफ्तार बढऩे लग गई थी, उसे लगा कि लॉकडाउन भी लग जाएगा, तो इस वर्ष में शादी नहीं हो पाएगी। इस वजह से दोनों पक्षों में वर और वधु ने निर्णय लिया कि भागकर के शादी कर लेंगे।

बीते आठ जून की रात में विकास लड़की के घर पर पहुंच गया और उसे लेकर के अपने घर आ गया। इधर,लड़की के घर वाले पूजा को घर में नहीं पाकर के बेचैन हो गए। जब खोजबीन की तो तब पता चला कि विकास उसे भागकर वह बैरिया आ गई। पहले से ही परिचित तंलगही पंचायत की मुखिया साजदा बेगम के पति रेयाज अहमद के घर पर लड़की के घर वाले भी जा पहुंचे। समाजसेवी रेयाज अहमद के प्रयास करने से दोनों परिवारों को समझा बूझाकर के सोमवार को दोनों की शादी करा दी गई है।