वैसे तो आमतौर पर शादियों में धूमधाम से दूल्हे को बारात ले जाते हुए आपने देखा ही होगा, लेकिन क्या आपने कभी किसी दुल्हन को भी बारात ले जाते देखा है ? आपने अभी भी नहीं देखा होगा, तो चलिए हम आपको दिखते है एक ऐसी ही बारात जिसमें दुल्हन घोड़ी पर सवार होकर अपने होने वाले दूल्हे को लेने उसके दरवाजे पर जा पहुंची और वो भी गाजे बाजे और बारातियों के साथ। बिहार राज्य के गया जिले में मंगलवार की रात एक ऐसी ही अनोखी शादी हुई जिसकी चर्चा आज हर किसी की जुबान पर हो रही है। इस बारात में घोड़ी पर सवार होकर स्वयं दुल्हन ही दूल्हे राजा के घर उनको ले जाने के लिए निकली तो लोग देखते ही रह गये।

बिहार की दुल्हन और कोलकत्ता का दूल्हा
बिहार राज्य के गया जिले के चांद चौरा शहर की रहने वाली दुल्हनिया अनुष्का गुहा ​की शादी पश्चिम बंगाल के कोलकाता के रहने वाले जीत मुखर्जी से हो रही है। चांद चौरा शहर में स्थित सिजुआर भवन धर्मशाला से होते हुए दुल्हनिया घोड़े पर सवार होकर बड़े शान से अपने होने जा रहे दूल्हे राजा को लेने उसके होटल जा पहुंची और वहां से दूल्हे राजा को उसने अपने साथ लिया। अपने होने वाले दूल्हे को लेन के बाद फिर दुल्हनिया आगे-आगे घोड़ी पर सवार होकर आगे चलने लगी और दूल्हा कार पर बैठ कर पीछे-पीछे चलने लगा। और ऐसा सिलसिला दोनों के जयमाला स्टेज तक चला और इस दौरान ही दोनों पक्षों की तरफ से बारात और बाराती भी मौजूद थे।

जब दोनों से पूछा गया तो उनके द्वारा दिया गया उत्तर
घोड़ी पर सवार होकर अपनी बारात निकालने वाली इस दुल्हनिया, अनुष्का कोलकाता में इंडिगो एयरलाइंस में एयर होस्टेस के पद पर कार्य करती है। जब इस अनोखी बारात को लेकर अनुष्का से सवाल किया गया तब दुल्हनिया ने उत्तर देते हुए कहा कि आज भी लड़के और लड़कियों में भेदभाव किया जा रहा है, लड़कियों को आज भी लड़कों के बराबर लाने के लिए ऐसे ही कुछ मुहिम की बहुत ही ज्यादा ही जरूरत है। इसके साथ ही जब अनष्का से शादी रचाने वाले दूल्हे जीत मुखर्जी ने भी पूछा गया कि वह इस तरह के काम से समाज मे एक अच्छा संदेश जाता है। क्या ऐसा नहीं होना चाहिए कि लड़किया सिर्फ घर पर रहे और वो सिर्फ और सिर्फ घर के ही कामकाज करे तब दुल्हन अनुष्का की मां गया जिले के प्रतिष्ठित स्कूल के म्यूजिक शिक्षिका के तौर पर काम करती हैं। सुष्मिता गुहा ने बताया कि मेरी बेटी हमेशा पूछती थी कि शादी में दूल्हा ही क्यों बारात लेकर के आता हैं, और लकड़ियां क्यों नहीं? इसके बाद दुल्हन की माँ ने कहा कि वह अपनी शादी मे, मैं खुद ही घोड़ी पर चढ़ कर बारात लेकर के जाऊंगी तब उसके बाद से हम सभी ने मिलकर के अपनी बेटी के इस सपने को आज पूरा किया है।