बिहार अभी काफी तरक्की के रास्ते पर चल रहा है कहीं पर सड़क बन रही है कहीं पर रेल पुल बन रहे हैं तो कहीं पर स्टेट हाईवे को नेशनल हाईवे में बदला जा रहा है। इसके साथ ही बिहार सरकार ने डीजल की निर्भरता को कम करने के लिए तथा प्रदूषण को कम करने के लिए रेलवे इंजन को इलेक्ट्रिक इंजनों से बदलने की सोच रही है। तथा मंदार हिल से दुमका रेल लाइन पर इलेक्ट्रिक इंजन के माध्यम से ही ट्रेनों का परिचालन किया जाएगा।

 

डीजल इंजन की जगह है इलेक्ट्रिक इंजन लगाने से ट्रेन की स्पीड भी बढ़ जाती है तथा गंतव्य तक पहुंचने में कम समय लगता है। शुक्रवार को जमालपुर स्टेशन पर डीजल इंजन की जगह इलेक्ट्रिक इंजन लगाकर यह ट्रेन रवाना होगी इससे पहले कवि गुरु एक्सप्रेस बिजली से चलने वाली पहली ट्रेन बनी है जो कि इस रेलमार्ग पर चली थी ।
डीजल इंजन की जगह इलेक्ट्रिक इंजन लगाने से ट्रेन की गति में काफी बढ़ोतरी होगी जिससे यात्रियों को कम समय लगेगा था वे अपने गंतव्य पर कम समय में पहुंच पाएंगे। मंदार हिल–दुमका रेल रूट मैं विद्युतीकरण कर दिया गया है तथा ट्रायल के लिए सीआरएस जांच पिछले साल ही कंप्लीट कर दी गई थी। 11 नवंबर को सीआरएस की इस रिपोर्ट में डीजल इंजन को इलेक्ट्रिक इंजन से बदलने के लिए अनुमति दे दी गई थी।

भागलपुर–किऊल रेलखंड की समस्या होगी कम: भागलपुर किलो रेल मार्ग पर काफी ट्रैफिक रहता है जिसके कारण यहां ट्रेनों को काफी इंतजार भी करना पड़ता है इस समस्या को दूर करने के लिए अब मंदारहिल–दुमका रेल लाइन को एक विकल्प के रूप में अपनाया जा सकता है। इसके साथ ही रांची एक्सप्रेस रांची और अगरतला एक्सप्रेस तथा देवघर अगरतला एक्सप्रेस को भी इलेक्ट्रिक इंजन से युक्त किया जाएगा जिससे यात्रियों को काफी फायदा होने वाला है।