बिहार राज्य की राजधानी पटना और गया जिले के बाद अब मुजफ्फरपुर का एयरपोर्ट को पूरी तरह से फंक्‍शनल होने जा रहा है। ये तीनों एयरपोर्ट में सुविधाओं के विस्‍तार के लिए लगातार काम कराया जा रहा है। राजधानी पटना और गया एयरपोर्ट में हो काफी समय से कार्य कराया जा रहा हैं, और इसलिए यहां पर बुनियादी सुविधाएं को प्राय: उपलब्‍ध कराया गया हैं, लेकिन बात करे दरभंगा एयरपोर्ट की तो यहाँ पर अधिक काम किए जाने की संभावना बरकरार की जा रही है। इस बीच में अब मुजफ्फरपुर और रक्‍सौल एयरपोर्ट को भी वापस से शुरू करने की मांग लगातार बढ़ती जा रही है। यहाँ के यानी चंपारण के लोग भी एक एयरपोर्ट की सुविधा की मांग कर रहे हैं।

दरभंगा एयरपोर्ट के विकास के लिए 82.41 करोड़ रुपए किये जा रहे है खर्च


राज्यसभा सदस्य एवं बिहार के पूर्व उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी के प्रश्न पर उत्तर में उड्डयन राज्यमंत्री बीके सिंह ने कहा कि दरभंगा हवाई अड्डे के सिविल इन्क्लेव के विकास के लिए करीबन 120 करोड़ की व्यवस्था की जा रही है, उसमे से अब तक 82.41 करोड़ रुपए तक का खर्च किया जा चूका हैं।

जानकारी के लिए आपको बता दू कि दरभंगा एयरपोर्ट पर यातायात जल्द ही शुरू किया गया है। इतने कम समय में इस एयरपोर्ट ने काफी अच्‍छा मुकाम हासिल कर लिया है। इस एयरपोर्ट में प्रति उड़ान यात्रियों की संख्‍या राजधानी पटना एयरपोर्ट से भी अधिक दर्ज की गयी है।

मुजफ्फरपुर-रक्सौल एयरपोर्ट के लिए कोई भी एयरलाइंस आगे नहीं आ रही है


सदन में केंद्र सरकार के मंत्री के अनुसार बताया जा रहा है कि मुजफ्फरपुर एवं रक्सौल को उड़ान योजना में शामिल किया जा रहा है पर किसी भी एयरलाइंस ने इसकी बोली प्रस्तुत नहीं कर रही है। जिन हवाई अड्डा को लेकर के कोई बोली लगाता है, तो उन्ही हवाई अड्डों को विकसित किया जा सकता है। एक और प्रश्न पर जवाब देते हुए पेट्रोलियम राज्यमंत्री रामेश्वर तेली ने कहा कि प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत भी बिहार में औसत 2018 में प्रति लाभार्थी 3.17 सिलेंडर का उपयोग किया गया था और वहीं 2020 में प्रति लाभार्थी 4.83 सिलेंडर का ही उपयोग लाभार्थियों के द्वारा किया जा रहा है।