बिहार: को’रोना वा’यरस के क’हर से निपटने के लिए आज सीएम नीतीश कुमार ने आपा’त बैठक बुलाई . इस बैठक में मुख्यमंत्री समेत बिहार सरकार के सभी मंत्रियों और विधानमंडल के सदस्यों के वेतन का 15 प्रतिशत हर माह काटने का फैसला लिया गया . और यह अगले एक साल तक कटेगा। वेतन से कटी हुई राशि कोरोना उन्मूलन कोष में जमा होगी।

मालूम हो कि विधायक, मंत्री और मुख्यमंत्री सभी का वेतन 40 हजार महीना है। इसी का 15 प्रतिशत अर्थात छह हजार हर माह इनके वेतन से कट जाएगा। इसके अलावा विधायकों को प्रतिमाह 50 हजार भत्ता मिलता है। पर, कटौती सिर्फ वेतन में से ही होगी। हालांकि मौजूदा सभी विधायकों का कार्यकाल दिसंबर, 2020 के पहले ही समाप्त हो रहा है।

कैबिनेट की बैठक में कुल 29 प्रस्तावों पर स्वीकृति मिली। कैबिनेट की इस बैठक में सभी मंत्री और संबंधित पदाधिकारी वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए। को’रोना वाय’रस की रोकथाम को लेकर लागू लॉकडाउन में सोशल डिस्टेंसिंग को देखते हुए वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से ही सभी को शामिल होने के लिए कहा गया था। विभाग के कक्ष से सभी शामिल हुए। 

26419 करोड़ लोन लेगी
राज्य सरकार वित्तीय वर्ष 2020-21 में 26419 करोड़ लोन लेगी। इसमें से 21188 करोड़ बाजार से लेगी। कैबिनेट की बैठक में इस पर भी सहमति दी गई। यह भी निर्णय हुआ कि बिहार आकस्मिकता निधि के स्थायी काय को 350 करोड़ को बढ़ाकर मार्च 2021 तक के लिए बढञाकर 8470 करोड़ कर दिया गया है। 

बिना परीक्षा के अगली कक्षा में जाएंगे बच्चे
कैबिनेट ने यह भी फैसला किया है कि को’रोना वा’यरस की रोकथाम के लिए विद्यालयों को बंद किया गया है। इसलिए छात्रहित में कक्षा पांच से आठ तक के सभी बच्चों को बिना वार्षिक परीक्षा के अगले कक्षा में प्रोन्नोत किया जाएगा। साथ ही गुटका खाकर सड़क पर थूकने वालो को 6 महीने की जे’ल होगी . 

सोर्स-हिन्दुस्तान

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