भारतीय क्रिकेट के टर्बनेटर के नाम से मशहूर स्पिन गेंदबाज हरभजन सिंह ने अभी हाल ही में क्रिकेट के सभी फॉर्मेट से संन्यास ले लिया है। हरभजन काफी समय से भारतीय टीम का हिस्सा नहीं थे लेकिन अब संन्यास के बाद वे आईपीएल में भी खेलते हुए नजर नहीं आएंगे, भज्जी ने अपने क्रिकेट करियर की शुरुआत पूर्व कप्तान और वर्तमान BCCI अध्यक्ष सौरव गांगुली की कप्तानी में की थी।

 

सौरव गांगुली के बाद वे काफी समय तक महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में भी खेले हैं इसलिए वे दोनों ही कप्तानों की कप्तानी में अंतर बता सकते हैं। रिटायरमेंट लेने के बाद हरभजन ने सौरव गांगुली और महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में अंतर बताते हुए बोला कि मैंने दोनों ही कप्तानों के अंडर क्रिकेट खेला है ।

भज्जी से जब पूछा गया कि सौरव गांगुली और महेंद्र सिंह धोनी में से आपके लिए बेहतर कप्तान कौन है तो इसका जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि “यह मेरे लिए काफी आसान सवाल है, सौरव गांगुली ने मुझे करियर में पकड़ कर रखा जब मैं कुछ नहीं था लेकिन जब धोनी कप्तान बने तब मैं बहुत कुछ था इसलिए आपको ये अंतर समझने की जरूरत है। सौरव गांगुली यह जानते थे कि मुझमें टैलेंट है लेकिन यह नहीं पता था कि मैं प्रदर्शन करूंगा या नहीं, फिर भी उन्होंने मुझे मौके दिए , लेकिन महेंद्र सिंह धोनी को यह पता था कि मैंने अच्छा प्रदर्शन किया है।

 

आपको उस समय ऐसे व्यक्ति की जरूरत होती है जो सही समय पर आप को सही दिशा बताएं।” भज्जी के इस बयान से साफ होता है कि उन्होंने महेंद्र सिंह धोनी से ज्यादा दादा को तवज्जो दी है। सौरव गांगुली ने भी हरभजन सिंह के रिटायर होने पर उन्हें उनके शानदार कैरियर के लिए बधाई दी है और बताया है कि उन्होंने अपनी जिंदगी में काफी परेशानियों का सामना किया है।

हरभजन सिंह के करियर की बात करें तो उन्होंने अपने करियर में 263 वनडे, 103 टेस्ट मैच ,और 28 T20 मुकाबले खेले हैं जिनमें उन्होंने 269,417 और 25 विकेट क्रमशः हासिल किए हैं। टेस्ट क्रिकेट में विकेट लेने के मामले में वे अब तीसरे नंबर के भारतीय हैं। भज्जी ने कुल 707 इंटरनेशनल विकेट लिए हैं इनसे आगे सिर्फ अनिल कुंबले हैं जिन्होंने 953 विकेट लिए है। हरभजन सिंह के नाम एक रिकॉर्ड भी है , वे भारत की तरफ से टेस्ट में हैट्रिक लेने वाले पहले गेंदबाज है। भज्जी ने ईडन गार्डन में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ हैट्रिक ली थी। काफी समय से वे भारतीय टीम का हिस्सा नहीं है और अब उनके वापस आने के भी कोई आसार नजर नहीं आते इसलिए उन्होंने आखिरकार सन्यास ले ही लिया।