नीतीश के करीबी और जेडीयू कोटे के मंत्री की विधायकी रद्द करने के लिए हाईकोर्ट में याचिका, लगा है गंभीर आरोप

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सुपौल: नीतीश कैबिनेट में जेडीयू कोटे से मंत्री और सुपौल विधायक विजेन्द्र यादव का चुनाव रद्द करने के लिए पटना हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई है. बिहार विधानसभा 2020 के भ्रष्टाचार मुक्त जागरूकता अभियान के आरटीआई कार्यकर्ता और निर्दलीय प्रत्याशी अनिल कुमार सिंह ने मुख्य न्यायाधीश के समक्ष याचिका दायर किया है.

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दायर याचिका में निर्दलीय कैंडिडेट अनिल कुमार सिंह ने सुपौल नीतीश कुमार के करीबी मंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव पर कई गंभीर आरोप गलाए हैं. उन्होंने कहा है कि उनका नामांकन पत्र अवैध है. इससे पहले नामांकन के स्क्रूटनी के दौरान भी अनिल सिंह ने लिखित आपत्ति दर्ज किया था. उन्होंने कहा कि निर्वाची पदाधिकारी सह अनुमंडल पदाधिकारी सुपौल ने न्याय संगत आदेश पारित नहीं किया.

जानकारी छुपाने का आरोप

ऐसे में अनिल सिंह ने लोक सूचना अधिकार अधिनियम के तहत विजेंद्र प्रसाद यादव के नामांकन पत्र सहित सभी चुनाव संबंधी अभिलेख निर्वाची पदाधिकारी से प्राप्त किया है. अनिल सिंह का आरोप है कि विजेंद्र प्रसाद यादव ने वैध जमानत की राशि जमा नहीं की है. इसके साथ ही निर्हित प्रपत्र में शपथ पत्र भी नहीं भरा है. निर्हित शपथ पत्र में अर्जित संपति पत्र देनदार का पूर्ण ब्यौरा अंकित नहीं किया है.

प्रमाण पत्र के साथ लगाया आरोप

अनिल सिंह का कहना है कि  गैर सरकारी संस्था राष्ट्रीय सार्वजनिक मेला समिति के स्थायी सदस्य रहने के बावजूद उनके संबंध में उचित जानकारी शपथ पत्र में नहीं दी गयी है, जबकि मेला समिति पर लाखों रुपये सरकार का बकाया है. प्रमाण पत्र के साथ आरोप लगाया है कि विजेंद्र प्रसाद यादव के पटना स्थित सरकारी क्वाटर संख्या 01 स्टैंड रोड पटना के उपभोक्ता संख्या 101282470 पर 5 लाख 61 हजार 360 रुपया बिजली विभाग का बकाया है.

अपराध का कॉलम छोड़ा खाली 

बिजली विभाग पटना पीईएसयू, पटना के कार्यपालक अभियंता के कार्यालय में बकाया बताया गया है. जबकि विजेंद्र यादव ने नामांकन पत्र में बिजली बकाया शून्य बताया है. वहीं, नामांकन पत्र में अपराध के बारे में कॉलम भी खाली छोड़ दी गई है, जो बिहार लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 का उल्लंघन है.

हाईकोर्ट में जमा किया कागजात

अनिल सिंह ने लोक सूचना अधिकार अधिनियम 2005 के तहत प्राप्त सूचना के आलोक में मिली सभी चुनाव अभिलेखों की छायाप्रति चुनाव याचिका में सलंग्न कर जमा किया है. इसके जरिए पटना उच्च न्यायालय से विजेंद्र प्रसाद यादव के चुनाव को रद्द करने का अनुरोध किया है.

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