अब इन जगहों पर बालू और गिट्टी नहीं बेच सकेंगे कारोबारी, उल्लंघन किया तो….

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पटना: बिहार में खुदरा खनिज कारोबारियों के लिए नए नियम लागू हो गए हैं. नई व्यवस्था के तहत कारोबारी खनिज की बिक्री सिर्फ अपने जिले में ही कर सकेंगे. राज्य के किसी भी हिस्से में इन्हें कारोबार की छूट नहीं होगी. कारोबारी को खनिज की बिक्री दर भी प्रदर्शित करनी होगी.

ऐसा नहीं करने पर कारोबारी का लाइसेंस रद्द कर दिया जाएगा. इन नियमों को कड़ाई से लागू करने की जिम्मेदारी जिलों के खनन पदाधिकारियों को सौंपी गई है. राज्य में खनिज के खुदरा कारोबार का लाइसेंस ऑनलाइन देने की व्यवस्था बनाई गई है. जिसके बाद से कई नियमों में बदलाव की जरूरत महसूस की जा रही थी. विभागीय मंत्री जीवेश मिश्रा और प्रधान सचिव हरजोत कौर के नेतृत्व में हुई बैठक में नए नियमों पर विचार के बाद इन्हें लागू करने की मंजूरी दी गई.

देनी होगी खनिज प्राप्ति स्रोत कि जानकारी 

बता दें कि खुदरा खनिज कारोबारियों को लाइसेंस प्राप्त करने के क्रम में खनिज प्राप्ति के स्रोत की जानकारी निश्चित रूप से देनी होगी. खनिज कारोबारी खनिज संपदा अपने जिले या पास के किसी एक जिले से ही प्राप्त कर सकेंगे.इसके अलावा किसी भी जिले से खनिज प्राप्त करने की छूट नहीं होगी.

अपने जिले में ही कर सकेंगे बिक्री 

कारोबारियों को खनिज बिक्री का लाइसेंस इसी शर्त पर दिया जाएगा कि वे खनिज पदार्थों की बिक्री अपने ही जिले में करेंगे. लेकिन, बालू कारोबारियों के लिए यह बाध्यता नहीं होगी. एक जिले के बालू कारोबारी दूसरे जिले के लिए भी लाइसेंस प्राप्त कर वहां कारोबार कर सकेंगे.

पकड़े जाने पर लाइसेंस रद्द 

कारोबार का लाइसेंस प्राप्त करने वाले कारोबारी ज्यादा से ज्यादा 30 हजार घनफुट तक खनिज का भंडार कर सकेंगे. परंतु यदि संबंधित कारोबारी निर्माण कंपनी या रेलवे को खनिज की आपूर्ति करते हैं तो वे इस नियम से मुक्त रहेंगे.वहीं कारोबारी के लिए आवश्यक होगा कि वह खनिज के दाम गोदाम के बाहर लिखकर प्रदर्शित करें इस नियम को लागू कराने की जिम्मेदारी खनन पदाधिकारियों को दी गई है. ऐसा नहीं करने पर जांच में पकड़े जाने पर कारोबारी का लाइसेंस तत्काल रद होगा.

लाइसेंस प्राप्त करने के नियम
  • कारोबारी खनिज कारोबार के लिए ऑनलाइन लाइसेंस प्राप्त करेंगे
  • उन्हें सबसे पहले विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर पंजीयन कराना होगा
  • लाइसेंस लेने के लिए मोबाइल नंबर और ई-मेल आवश्यक होगा
  • निर्धारित शुल्क देने के बाद आवेदन की जांच होगी और इन्हें अंचल के उप निदेशक, सहायक निदेशक को भेज दिया जाएगा
  • ये अधिकारी 15 दिन में आवेदन को मंजूर या ना मंजूर करेंगे
  • इस कार्य में अधिकारी के स्तर पर विलंब होने पर संबंधित अधिकारी का वेतन रोका जाएगा

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