सरकारी नौकरी के साथ टेंडर के लिए लेना पड़ेगा सर्टिफिकेट, डीजीपी ने साफ-साफ कह दिया

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पटनाः आज राजधानी पटना में डीजीपी एसके सिंघल, एडीजी जितेन्द्र कुमार और अपर गृह सचिव आमिर सुब्हानी ने संयुक्त प्रेसवार्ता की. इस दौरान हालिया दिनों में जारी किए गए पत्रों को लेकर मीडिया को जानकारी दी. इस दौरान बताया गया कि गृह विभाग में काम के लिए कंपनी ठेकेदार को सर्टिफिकेट लेना होगा.

डीजीपी का कहना है कि यह अनिवार्यता है कि सरकारी नौकरी के लिए पुलिस वेरिफिकेशन कराया जाए. जॉइनिंग से पूर्व पुलिस सत्यापन करा लेना है. अगर कोई व्यक्ति संदेह पर गिरफ्तार किया जाता है और दोषी नहीं पाया जाता है तो उस व्यक्ति को क्लीन सर्टिफिकेट दे दिया जाएगा. अगर कोई व्यक्ति हड़ताल कर रहा है और आपराधिक गतिविधि में शामिल रहते है और अगर दोषी पाये जाते है तो उन कांड को भी करैक्टर सर्टिफिकेट में डाला जाएगा.

पहले के आदेश में जोड़ा गया कुछ अंश

एडीजी जितेन्द्र कुमार ने कहा कि समय के साथ-साथ इन प्रक्रियाओं में बदलाव होता रहा है. इन्हीं सब कड़ियों में 1 फरवरी 2021 को पुलिस मुख्यालय का आदेश निर्गत किया गया, जिसमें यह बताया गया है कि आरटीपीएस एक्ट के तहत सबको समय के अंदर सारे दस्तावेज उपलब्ध कराने समय मिल जाए. चरित्र प्रमाण पत्र को लेकर जो आदेश जारी किया गया यह पूर्व से प्रदेश में लागू है उसमें कुछ अंश और जोड़ा गया है.

25 जनवरी को जारी हुआ था पत्र

ADG जितेंद्र कुमार ने कहा कि 2006 और 2020 क प्रपत्र में चरित्र सत्यापन की बातों का उल्लेख पूर्व से है. 25 जनवरी 2021 को उसी प्रपत्र के तहत तीसरा पत्र जारी किया गया है. पुलिस मुख्यालय से जो प्रपत्र जारी किया गया उसमे यह भी थाना स्तर के पदाधिकरियों को दिया गया है कि चरित्र सत्यापन निर्धारित समय अवधि में किया जाये.

अपराधों के संबंध में संगठन, पुलिस और न्यायालय के द्वारा किए गए उस की प्रतिलिपि रहेगी. सत्यापन प्रतिवेदन में कोट द्वारा पुलिस द्वारा सत्यापन की प्रतिलिपि रहेगी. यदि किसी संगीन अपराध में उसकी संलिप्तता रहेगी तो उसका प्रतिवेदन में जिक्र होगा. यदि विधि व्यवस्था की स्थिति सड़क जाम आदि में यदि वह आपराधिक कृत्य में सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाना तोड़फोड़ करना मारपीट करना और खासकर के आपराधिक गतिविधि में शामिल होंगे तो पुलिस सत्यापन प्रतिवेदन में इसका जिक्र किया जाएगा.

साफ-सुथरे व्यक्ति को मिलेगा टेंडर

अपर गृह सचिव आमिर सुब्हानी टेंडर लेने वाले कम्पनी व्यक्ति साफ छवि का हो. साथ ही स्टाफ भी स्वच्छ छवि का ही हो इसको सुनाश्चित करना होगा तभी टेंडर मिलेगा. आमिर सुब्हानी ने कहा कि लोकतंत्र में व्यक्तिगत स्वतंत्रता की आजादी होती है इसके तहत शांतिपूर्ण तरीके से धरना प्रदर्शन करने की अनुमति होती है. सरकार की ऐसी कोई ऐसी मंशा नहीं है कि लोकतंत्र में मिले अधिकार का कोई हनन करें.

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