महाराष्‍ट्र से लौट रहे प्रवासियों को अब राज्य में सीधे नहीं मिलेगी एंट्री, इस प्रोसेस से होकर गुजरना पड़ेगा, टीमें तैनात

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पटनाः कोरोना की दूसरी लहर ने लोगों के माथे पर शिकन ला दिया है. ऐसे में महाराष्‍ट्र सहित अन्‍य राज्‍यों से अप्रवासी बिहारी घर लौट रहे हैं. रेलवे ने इसके लिए लिए स्‍पेशल ट्रेनें शुरू की हैं. वहीं, बिहार में कोरोना के फैलाव को रोकने के लिए इन स्पेशल ट्रेनों से बिहार आने वाले यात्रियों की अनिवार्य रूप से कोरोनावायरस संक्रमण की जांच की व्‍यवस्‍था की गई है. जिसके बाद उन्‍हें शहर में एंट्री मिलेगी.

यह व्‍यवस्‍था ट्रेन, बस या फ्लाइट, किसी भी माध्‍यम से बाहर से आने वाले यात्रियाें के लिए की गई है. मुंबई और पुणे से आने वाली हर ट्रेन के सभी यात्रियों की कोरोना जांच होगी. पटना जंक्शन, राजेंद्र नगर और दानापुर स्टेशनों पर मेडिकल टीमें तैनात की जा रहीं है. दानापुर स्टेशन पर जांच के लिए 75 टीमें हैं जो 25-25 टीमें तीन पालियों में तैनात रहेगी. बुधवार को डीएम डॉ. चंद्रशेखर सिंह ने पटना जंक्शन का जायजा लिया और अधिकारियों के साथ तैयारियों की समीक्षा की. इसके पहले मंगलवार को डीएम ने दानापुर स्टेशन का निरीक्षण किया था.

तीन शिफ्ट में टीमें तैनात

दानापुर स्टेशन पर मुंबई और पुणे से आने वाले यात्रियों की जांच के लिए तीन शिफ्ट में 25-25 टीमें तैनात है. हर पांच टीम पर एक सुपरवाइजर और 25 टीम पर एक सुपर जोनल सुपरवाइजर नियुक्ति किये गए हैं. वहीं, जांच के लिए सभी टीम को प्रशिक्षण दिया जा रहा है. एएनएम का प्रशिक्षण शुरू हो गया है. बुधवार को पहले दिन जिला स्वास्थ्य समिति में 48 एएनएम ने प्रशिक्षण लिया. गुरुवार को भी प्रशिक्षण जारी रहेगा.

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जिलाधिकारी ने सिविल सर्जन को निर्देश दिया है कि स्टेशनों पर पर्याप्त संख्या में काउंटर बनाकर कर्मियों की प्रतिनियुक्ति की जाए. वहीं, यात्रियों की जांच रैपिड एंटीजन किट के जरिये की जायेगी. डीएम ने टेस्टिंग कार्य के सुचारू और सफल संचालन के लिए दंडाधिकारी, पुलिस पदाधिकारी और बल को प्रतिनियुक्त करने के लिए भी संबंधित अधिकारी को निर्देशित किया है.

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