कोरोना से 12 दिनों के भीतर उजड़ गया हंसता खेलता परिवार, 4 सदस्य मौत के मुंह में समा गये, घर में बची हैं 2 छोटी बच्चियां

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कोरोना ने देश में कई हंसते-खेलते परिवार की जीवन लीला समाप्त कर दी है. गाजियाबाद के एक सोसाइटी में एक बेहद दर्दनाक मामला सामने आया है. परिवार में से 6 सदस्यों में से सभी बड़े 4 सदस्यों की कोरोना बीमारी के चलते मौत हो गई है अब सिर्फ परिवार में 8 और 6 वर्ष की दो बच्चियां बची हैं. मामला गाजियाबाद के क्रॉसिंग रिपब्लिक एरिया की एक सोसाइटी का है, महज 11 दिनों में एक एक कर परिवार के 4 सदस्य मौत के मुंह मे समा गए.

दोनों बच्चियां कई दिनों से अपने आसपास दादा-दादी और मम्मी-पापा को नहीं देख रहीं हैं. ऐसे में रिश्तेदारों से उनके बारे में पूछ रही हैं. लेकिन इस परिवार के रिश्तेदारों के पास कोई जवाब नहीं. मासूम बच्चियों के सवालों की फेहरिस्त लगातार लंबी होती जा रही है. जिसमें बैचेनी भी है और अपनों के लिए तड़प भी.

रिपब्लिक टाउनशिप की है घटना

ये घटना गाजियाबाद के क्रॉसिंग रिपब्लिक टाउनशिप में हुई है. पंचशील वेलिंगटन नाम की सोसायटी के टावर नंबर-2 के फ्लैट नंबर-205 में ये बदनसीब परिवार रहता था. दुर्गेश प्रसाद नाम के बुजुर्ग कोरोना की चपेट में आ गए. घर में ही आइसोलेट होकर अपना इलाज करवा रहे थे लेकिन अच्छा इलाज न मिलने की वजह से 27 अप्रैल को मौत हो गई. घर में पत्नी और बेटे बह भी कोरोना पॉजिटिव हो गए.

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तीनों को ग्रेटर नोएडा के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया. इलाज के दौरान चार मई को दुर्गेश के बेटे अश्विनी, 5 मई को बुजुर्ग दुर्गेश प्रसाद की पत्नी और अश्विनी की मां संतोष कुमारी की भी मौत हो गई. वहीं, 8 मई को पुत्रवधू यानी बच्चियों की मां निर्मला कुमारी ने भी दम तोड़ दिया. 12 दिनों के भीतर ही हंसता-खेलता परिवार पूरी तरह बर्बाद हो गया. घर में रह गए तो दो मासूम बच्चियां. रिपब्लिक टाउनशिप में रहने वाले 50 हजार परिवार के अलावा इस दर्दनाक घटना को जानने वाले हर शख्स अब सन्न है.

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