कोरोना काल में गया के एमपी और विधायक हुए लापता! शहर में गुमशुदगी का लगा पोस्टर

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गयाः बिहार में कोरोना से लोग बेहाल हैं लेकन जनप्रनिधि कहीं दिखाई नहीं दे रहे हैं. ऐसे में  जगह-जगह लोगों का गुस्सा फूट रहा है. गया में भी स्थानीय विधायक और सांसद पर लोग भड़के हुए हैं. शहर के गेवाल बिगहा बथान और पुलिस लाइन रोड में लापता का पोस्‍टर चिपकाया गया है. पोस्‍टर में गया के सांसद विजय मांझी और पूर्व मंत्री सह विधायक डॉ. प्रेम कुमार की गुमशुदगी के संबंध में है.

पोस्‍टर पर लिखा है कि ये दोनों कोरोना काल में गया की जनता को मरने के लिए छोड़ कर चले गए हैं. हालांकि दोनों जनप्रतिनिधियों ने पोस्‍टर पर लिखे आरोपों को नकार दिया है. उनका कहना है कि वे जनता के बीच रहकर उनकी मदद कर रहे हैं.

शहर में एमपी एमएलए का चस्पा पोस्टर

बता दें कि बिहार में कोरोना के कारण इस बार शहर के लोगों से लेकर ग्रामीणों को भी हालात से जूझना पड़ रहा है. हर तरफ लोगों में निराशा है. ऐसे में किसी मरीज को अस्‍पताल में भर्ती कराने, बेड दिलाने या जरूरी दवा दिलवाने के समय लोगों को अपने सांसद-विधायक की जरूरत पड़ रही है. लेकिन हर जगह संभव नहीं होता दिख रहा है. शायद ऐसी ही जरूरत में सांसद और विधायक के संबंध में पोस्‍टर चस्‍पा किया गया है. पोस्‍टर पर ऊपर गुमशुदा लिखकर नीचे एमपी और एमएलए की तस्‍वीर लगाई गई है.

कोरोना काल में गायब हैं एमपी-एमएलए!

दोनों पोस्‍टर पर अलग-अलग सांसद और विधायक का नाम लिखकर आगे जोड़ा गया है कि वे इस कोरोना काल में गया के नागरिकों को मरने के लिए छोड़कर चले गए हैं. जिन भाइयों को मिलें, गया की जनता के बीच लाने का कष्‍ट करें. विधायक जी और सांसद को ढूंढने वाले को उचित इनाम दिया जाएगा. पोस्‍टर पर सबसे नीचे निवेदक में गया की जनता लिखा हुआ है.

एमपी ने आरोपों पर दी सफाई

हालांकि, गया सांसद विजय मांझी का कहना है कि वे घर पर हैं. यहीं से रोजाना डीएम, मेडिकल सुपरीटेंडेंट समेत अन्‍य अधिकारियों के संपर्क में हैं. जरूरतमंदो को हॉस्टपिटल में एडमिट करवा रहे हैं. संपर्क करने वाले की मदद कर रहे हैं. पोस्‍टर पर लगाए गए आरोप गलत हैं. खुद सांसद विजय मांझी भी कोरोना संक्रमित हो गए थे.

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जबकि पूर्व मंत्री सह बीजेपी के नगर विधायक डॉ. प्रेम कुमार ने सफाई देते हुए कहा है कि वे 24 घंटे गया में उपलब्‍ध हैं. लॉकडाउन के नियमों का अनुपालन कर रहे हैं और करा भी रहे हैं. पब्लिक और प्रशासन के बीच समन्‍वय बनाने का काम किया है. एएनएमएमसीएच हो या अन्‍य अस्‍पताल जहां भी कोई कमी दिख रही है. उसे दूर करा रहे हैं. सरकार से नियमित रूप से संपर्क में हैं.

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