सीएम नीतीश पर निशाना साधने के बाद मंत्री मुकेश सहनी से जीतनराम मांझी ने की मुलाकात, चर्चाओं का बाजार गरम

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पटनाः इन दिनों बिहार के पूर्व मुख्‍यमंत्री जीतन राम मांझी सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय हैं. विपक्षी पार्टी के साथ-साथ खुद की सरकार और सीएम नीतीश कुमार पर निशाना साधते रहते हैं. विधानसभा चुनाव 2020 से ठीक पहले एनडीए गठबंध में लौटने वाले हम पार्टी सुप्रीमो जीतनराम मांझी और मुकेश ससहनीके मुलाकात के बाद फिर से सियासी हलचल बढ़ गई है.

बिहार की मौजूदा एनडीए सरकार में वीआईपी और हम के विधायकों की संख्‍या इतनी महत्‍वपूर्ण है कि थोड़ा इधर-उधर होने पर पूरा बैलेंस गड़बड़ा सकता है. शनिवार को जब दोनों नेताओं ने अचानक मुलाकात की तो कई तरह की चर्चाएं चलने लगीं. सीएम नीतीश कुमार पर निशाना सधने के बाद मुकेश सहनी के साथ जीतनराम मांझी के साथ मुलाकात पर सोशल मीडिया में कयासों का दौर शुरू हो गया. मांझी और वीआइपी के नेता मुकेश सहनी, दोनों ने अपने ट्विटर अकाउंट पर तस्‍वीर साझा करते हुए इस मुलाकात की जानकारी दी है.

सोशल मीडिया में छिड़ा बहस

दोनों की यह मुलाकात इसलिए महत्‍वपूर्ण है कि हाल में ही बिहार सरकार ने अपने मंत्रियों को लॉकडाउन में इधर-उधर भ्रमण करने पर रोक लगा दी है. दोनों नेताओं ने कहा कि उन्‍होंने पंचायत प्रतिनिधियों के कार्यकाल को चुनाव होने तक बढ़ाने के अलावा अन्‍य मुद्दों पर चर्चा की. उनकी इस चर्चा में क्‍या हुआ, ये तो यहीं दोनों नेता ही जानें, लेकिन उनके अन्‍य मुद्दों को लेकर बिहार के सियासी गलियारे और ट्विटर पर भी चर्चा छिड़ चुकी है.

मांझी-सहनी के ट्वीट पर आ रहे कमेंट्स

मांझी और सहनी के ट्वीट पर लगातार तरह-तरह के कमेंट्स आ रहे हैं. इनमें ऐसे लोग भी शामिल हैं, जिन्‍हें दोनों नेताओं के पाला बदलने की चिंता है. कुछ यूजर्स ने इसको लेकर सवाल भी पूछे हैं तो कुछ ने दोनों नेताओं को राजद के साथ जुड़ने की सलाह दे डाली है. एक यूजर ने पूछा कि ये मुलाकात सत्‍ता परिवर्तन का संकेत तो नहीं? एक और यूजर ने पूछा कि कहीं सरकार पलटने पर तो विचार नहीं कर रहे हैं?

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बता दें कि शनिवार की सुबह ही जीतनराम मांझी ने नीतीश सरकार पर तंज कसा था. मांझी ने सरकार को राज्‍य में स्‍वास्‍थ्‍य उप केंद्रों को बेहतर बनाने की सलाह दी थी, लेकिन इस सलाह भी विपक्ष की भाषा जैसी ही थी. मांझी ने कहा कि लॉकडाउन कोविड का समाधान नहीं है. सही मायने में इस संकट से निपटना है तो गांव के स्‍वास्‍थ्‍य उपकेंद्रों को व्‍यवस्थित करना होगा.

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