जीतन राम मांझी की पार्टी ने पहले लॉकडाउन पर की नीतीश को जमकर कोसा, फिर यूं मारी पलटी, अब ऐसे कर रही तारीफ

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पटनाः बिहार सरकार ने मंगलवार को राज्य में 15 मई तक पूर्ण लॉकडाउन लगाने का फैसला लिया. पांच मई से बिहार में बंदिश की घोषणा के साथ ही सियासत शुरू हो गई. विपक्ष के साथ-साथ सहयोगी जीतन राम मांझी की हम पार्टी ने सीएम नीतीश कुमार को आईना दिखाना शुरू कर दिया,. हालांकि, अब पार्टी ने बयान से पलटी मारते हुए नीतीश सरकार की तारीफ की है.

पहले हम के प्रवक्ता दानिश रिजवान ने कहा है कि लॉकडाउन से गरीबों को दिक्कत होगी. अगर वे कोरोना से बच भी जाएं तो भूख से कैसे बचेंगे? इसके बाद दानिश रिजवान ने दोबारा बयान जारी करते हुए कहा कि हमारी पार्टी लगातार लॉकडाउन को लेकर ये बात कहती आई है कि रोज मर्रा के मजदूर और गरीबों का ख्याल रखा जाए. बिहार सरकार की तरफ से लॉकडाउन लगाने के फैसले के बाद गाइडलाइन जारी हुई है,  इसमें ये स्पष्ट है कि मजदूरों का काम चलता रहेगा.

नीतीश सरकार की तारीफ में गढ़े कसीदे

हम प्रवक्ता ने आगे कहा कि सरकारी की तरफ से जारी गाइडलाइन में कहा गया है कि मनरेगा के तहत में कार्य होते रहेंगे. साथ ही रिक्शा चालक, ऑटो चालक और टमटम चालकों के लिए अलग से सामूहिक किचन का निर्माण किया गया है. इसको लेकर पार्टी नीतीश कुमार के निर्णय का धन्यवाद देती है. नीतीश लॉकडाउन के साथ-साथ गरीबों का ख्याल रखा, जिसकी चिंता जीतनराम मांझी को है. दनिश ने कहा कि हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों से आग्रह करता है कि आप भी बिहार की गाइडलाइन को फॉलो करें। नीतीश का फैसला गरीबों के लिए नजीर है.

पहले लॉकडाउन के लिए सरकार को कोसा

इससे पहले लॉकडाउन की घोषणा होते ही दानिश रिजवान ने कहा था कि बिहार सरकार ने लॉकडाउन का फैसला न्यायालय की टिप्पणी के बाद लिया है, लेकिन इस निर्णय से गरीब तबका निराश होगा. क्योंकि वो कोरोना से बच गया तो भूख से मर जाएगा. सरकार को उन लोगों का ख्याल रखना चाहिए जो हर दिन मेहनत करता है और शाम में अपने परिवार के लिए राशन का इंतजाम करता है.

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