दिल्ली से बनारस के बीच चलेगी ‘बुलेट ट्रेन’ कॉरिडोर की योजना तैयार, इन 12 स्टेशन से होकर गुजरेगी

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इसकी कवायद शुरू हो गई है, हाई स्पीड रेल कॉरिडोर कॉरपोरेशन ने आज इसके सर्वे की अधिकृत एजेंसी का भी चयन कर लिया. चयनित हुई अधिकृत कंपनी की रेल इंजीनियरों के साथ एक बैठक हो गई है. बैठक के बाद अब सर्वे से पहले रेकी की तैयारी पर बात हुई है. इस हाई स्पीड रेल कॉरिडोर की योजना भी तैयार हो गई है.

रेल इंजीनियरों के साथ हुई बैठक में सबसे पहले रूट फाइनल किया जाएगा रूट की जानकारी उत्तर रेलवे के रेल इंजीनियर देंगे. जिसके बाद अधिकृत कंपनी इस रूट पर रेकान सर्वे करेगी सर्वे के जरिए ना केवल वाराणसी से हावड़ा तक रूट को तलाश कर उसे फाइनल किया जाएगा बल्कि अन्य जानकारियां भी हासिल की जाएंगे. रेकान सर्वे जब पूरा हो जाएगा तब इस रूट पर जिओ टेक रीके से भी सर्वे किया जाएगा.

बताया जा रहा है कि दिल्ली से वाराणसी तक हुए सर्वे में जिस लीडर सर्वे तकनीक का इस्तेमाल किया गया है. उस लीडर सर्वे तकनीकी की मदद इस रूट पर भी ली जाएगी. जिओ टेक सर्वे के जरिए मिट्टी की नींव के लिए ताकत की जानकारी मिलेगी. साथ ही साथ यह भी पता चल जाएगा कि भूकंप जैसे खतरों से निपटने की क्षमता किस इलाके की मिट्टी में है.

लोकल स्तर पर सर्वे यहां वाराणसी से पीपीडीयू नगर तक होगा, इसके बाद जैसे-जैसे सर्वे अगले चरण पर पहुंचेगा तो उस इलाके से जुड़े रेलवे के दूसरे जोन मंडल के साथ बैठक कर आगे की कवायद और रूट पर मदद ली जाएगी. बता दें वाराणसी से हावड़ा तक का रेल सफर अभी 680 किलोमीटर का है, जिसमें 10 से 12 घंटे तक लगते हैं लेकिन बुलेट ट्रेन चलने से यह सफर 4 से 5 घंटे का बताया जा रहा है.

पहले दिल्ली से वाराणसी के बीच बुलेट ट्रेन चलाने की कवायद काफी आगे बढ़ चुकी है. सर्वे पूरा हो गया है और जमीन अधिग्रहण की कवायद शुरू हो गई है. माना जा रहा है की कोशिश यह है कि दिल्ली से हावड़ा तक के सबसे पुराने रेल रूट पर पूरी तरीके से बुलेट ट्रेन को चलाया जा सके. इसका सेंटर प्वाइंट वाराणसी रहेगा.

बुलेट ट्रेन के रूट में UP के 22 जिले शामिल

दिल्ली से वाराणसी के बीच बनाया जा रहे बुलेट ट्रेन के रूट में यूपी के 22 जिले शामिल है साथ ही साथ दिल्ली का कुछ इलाका भी जुड़ा है. दिल्ली से वाराणसी के बीच चलने वाली बुलेट ट्रेन यूपी के कई धार्मिक शहरों से होकर गुजरेगी. उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल के सहायक मंडल इंजीनियर पीयूष पाठक ने बताया की सर्वे के लिए चयनित कंपनी से कुछ लोग आए थे.

इससे पहले की कवायद पर चर्चा हुई. उनकी मांग थी सर्वे के दौरान रेलवे से एक टीम उनके साथ रहे. इस पर हमारी तरफ़ से स्वीकृति दे दी गयी है. अभी दिल्ली से वाराणसी तक चलने वाली बुलेट ट्रेन को मंडूआडीह तक लाना है. मंडूआडीह से आगे फिर हावड़ा के लिए सर्वे होगा. फिलहाल ये उम्मीद है कि शायद बक्सर वाला रूट चयनित हो लेकिन अभी आधिकारिक रूप से ये नहीं कहा जा सकता. सर्वे के बाद ही फ़ाइनल रूट और मसौदा तय होगा.

ये 12 स्टेशन हैं प्रस्तावित :

नोएडा सेक्टर-148, नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, मथुरा, आगरा, कन्नौज, इटावा, लखनऊ, रायबरेली, प्रयागराज, भदोही, वाराणसी और अयोध्या।

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