पटना जंक्‍शन के पास सहित इन ज़िलों में बनेगा बिहार का सबसे बड़ा मॉल; टूटेगी रेलवे कालोनी

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पूर्व मध्य रेल (East Central Railway) प्रमुख स्टेशनों के पास की आवासीय कालोनियों की जगह मल्टी स्टोरी आवासीय परिसर (Multi Storey Residential Complex) व शापिंग काम्प्लेक्स विकसित करेगा। पटना जंक्शन (Patna Junction) के दक्षिणी हिस्से में बनी कालोनी के स्थान पर प्रदेश का सबसे बड़ा शापिंग माल सह आवासीय परिसर बनाने का निर्णय लिया गया है। पूर्व मध्य रेल व रेल भूमि विकास अथारिटी (आरएलडीए) के बीच समझौता हो गया है। आरएलडीए ने टेंडर निकाल दिया है। जो भी कंपनी इसे विकसित करने का टेंडर लेगी उसे 3 साल में निर्माण कार्य पूरा करना होगा। 5514.23 वर्गमीटर में तीन व्यावसायिक सह आवासीय कांप्लेक्स बनाए जाएंगे।

दानापुर, समस्तीपुर, दरभंगा, गया व धनबाद में भी बनेगा माल

पटना जंक्शन के बाद दानापुर स्टेशन रेलवे कालोनी, समस्तीपुर, दरभंगा, गया व धनबाद स्टेशन के पास रेलवे कालोनियों को तोड़कर कर्मचारियों के लिए मल्टी स्टोरी बिल्डिंग बनाने की योजना है। शीघ्र ही इन स्टेशनों की जमीन को भी आरएलडीए के हवाले किया जाएगा।

पटना में क्या-क्या बनेगा कांप्लेक्स में

पटना जंक्‍शन पर बनने वाले कांप्‍लेक्‍स में कुल चार बहुमंजिला टावर होंगे। पहले टावर में अंडर ग्राउंड व ग्राउंड फ्लोर पर पार्किंग की व्यवस्था होगी। पांचवें माले तक शापिंग कांप्लेक्स बनाया जाएगा। छठे, सातवें व आठवें माले पर मल्टीप्लेक्स व फूड कोर्ट बनाया जाएगा। इसके ऊपर के तीन माले पर आफिस कांप्लेक्स होगा। दूसरे टावर में भी ग्राउंड व अंडर ग्राउंड फ्लोर पर वाहन पार्किंग बनाई जाएगी। पहले से लेकर पांचवें माले तक शापिंग कांप्लेक्स बनाया जाएगा। इसके छठे माले पर आवासीय कांप्लेक्स बनाना होगा।

टावर तीन और चार में रहेगी ऐसी व्‍यवस्‍था

तीसरे टावर में भी अंडर ग्राउंड व ग्राउंड फ्लोर पर वाहन पार्किंग स्थल होगी। इसके पहले से छठे माले तक आफिस कांप्लेक्स बनाने की योजना है। सातवें से लेकर ग्यारहवें माले तक आवासीय कांप्लेक्स बनाया जाएगा। इस टावर के आगे पार्क बनाया जाएगा। चौथे टावर के ग्राउंड व अंडर ग्राउंड फ्लोर पर वाहन पार्किंग की व्यवस्था होगी। पहले से लेकर 11 वें माले तक कर्मचारियों के लिए आवास बनेगा। इस टावर में कुल 59 टाइप टू आवास बनाए जाएंगे। 2 बेड रूम, एक ड्राइंग रूम सह डाइनिंग हाल, दो वाशरूम, किचन के साथ ही हर फ्लैट में दो-दो बालकनी बनाई जाएगी। इसके लिए 1846.77 वर्गमीटर जमीन आवंटित की गई है।

ग्राउंड फ्लोर की शर्तें

निर्माण कंपनी को जमीन का एक तिहाई हिस्सा व्यावसायिक उपयोग में लाने की छूट होगी। एक चौथाई हिस्से में रेलकर्मियों के लिए आवास बनाकर देना होगा। तीन साल के अंदर निर्माण पूरा करना होगा। इस परिसर को विकसित करने के लिए मिनिमम रकम 47 करोड़ तय की गई है। पूर्व मध्‍य रेलवे के सीपीआरओ राजेश कुमार ने बताया कि रेलवे अपने कर्मचारियों के जर्जर आवास तोड़कर बहुमंजिली इमारतें पीपीपी मोड में बनाने जा रही है। इसमें रेलवे की कोई राशि खर्च नहीं होगी। पहले चरण में पटना जंक्शन के दक्षिण की ओर बने जर्जर आवासीय परिसर को विकसित करने का निर्णय लिया गया है। हरित भवन के रूप में इसे विकसित किया जाएगा। हर तरह की सुविधाओं से सुसज्जित होगा।

Dainik jagaran iNput

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