Tuesday, May 24

Ansar Shaikh : जहां चाह, वहां राह, गरीबी के बावजूद अपनी मेहनत के दम पर पहले ही प्रयास में आईएएस बने अंसार

Ansar Shaikh : जहां चाह, वहां राह। कई लोगों की जिंदगी में यह मुहावरा साबित होता है। अंसार शेख की जिंदगी में भी यह सच साबित हुआ है। पढ़ लिख कर कुछ बनने के प्रति चाह ने उसे उसकी मंजिल की राह दिखा दी। अपनी कड़ी मेहनत और लगन से अंसार ने अपना सपना पूरा कर लिया। इस सपने को पूरा करने के रास्ते में आई हर मुश्किल को हराते हुए अंसार शेख ने अपना आईएएस अफसर बनने का सपना पूरा कर लिया।

Ansar Shaikh

Ansar Shaikh : आइए जानते हैं अंसार के इस कठिन सफर के बारे में थोड़ा विस्तार से

अंसार महाराष्ट्र के जालना जिले के एक छोटे से गांव के रहने वाले हैं। अंसार अहमद शेख ने सिर्फ 21 साल की उम्र में यूपीएससी की परीक्षा में 371वीं रैंक हासिल की, और IAS अफसर बन गए। घर की आर्थिक स्थिति अच्छी न होने के बावजूद अंसार ने इस मुश्किल को अपनी पढाई के रास्ते में बढ़ा नही बनने दिया। उनके पिता ऑटो रिक्शा चलाते थे और उनकी मां खेतों में मजदूरी करती थीं। अंसार के परिवार के हालात इतने खराब थे कि पढ़ाई छोड़ने की भी नौबत आ गई थी। रिश्तेदारों और जान पहचान बाले ताने देते थे कि कमा लो या फिर पढ़ लो। अंसार बताते हैं कि रिश्तेदारों और उनके पिता ने उनसे पढ़ाई छोड़ने को कहा था।

दैनिक जागरण की एक रिपोर्ट के अनुसार, अंसार शेख ने बताया, ‘अब्बा ने पढ़ाई छोड़ने को कहा था और इसके लिए वह मेरे स्कूल पहुंच गए थे, क्यूंकि उनके पिता को किसी ने सलाह दी कि इसकी पढ़ाई बंद कराओ और काम पर लगाओ तो दो पैसे घर आयें। वैसे भी कौन सा पढ़ने से नौकरी मिल जायेगी। अंसार के पिता को बात समझ आयी और वे अंसार की पढ़ाई बंद करने के लिए उसके स्कूल पहुंच गए। लेकिन अंसार के शिक्षक ने उन्हें समझाया कि अंसार काफी होनहार है और पढ़ाई में काफी अच्छा है। जब अंसार ने 12वीं में 91 प्रतिशत नंबर हासिल किये तब घरवालों ने अंसार के फिर कभी पढ़ाई के लिए नहीं रोका।

अंसार ने बताया था, ‘पापा हर रोज सिर्फ सौ से डेढ़ सौ रुपये तक कमाते थे, जिसमें उनके पूरे परिवार का खर्च चलाना काफी मुश्किल होता था और ऐसे में उनके पिता पढ़ाई के लिए पैसे नहीं दे पाते थे। 12वीं पास करने के बाद अंसार अहमद शेख ने पुणे के जाने माने फर्गुसन कॉलेज में दाखिला तो ले लिया, लेकिन उनके पास आगे की फीस भरने के पैसे नहीं थे।

अंसार ने फीस भरने के लिये पास के ही एक होटल में वेटर का काम करना शुरू कर दिया, जहां उन्हें तीन हजार रुपये तनख्वाह मिलती थी।

कॉलेज के फर्स्ट ईयर में ही अंसार के प्रोफेसर ने उन्हें UPSC सिविल सेवा की तैयारी करने की सलाह दी। इस पर अमल करते हुए अंसार ने ग्रेजुएशन की पढ़ाई के साथ साथ ही UPSC की कोचिंग लेने का फैसला किया। आखिरकार अंसार अहमद शेख की कड़ी मेहनत और संघर्ष के सामने मुसीबतों ने हार मान लिया और साल 2015 में अपने पहले प्रयास में ही यूपीएससी की परीक्षा पास कर ली।

अंसार ने ऑल इंडिया में 371वीं रैंक हासिल की और आईएएस के लिए चुने गए। अंसार हर उस युवा के लिए एक प्रेरणा हैं जो आर्थिक स्थिति, पिछड़े समाज और अपने धर्म और जाति को एक कठिनाई के रूप में देखते हैं। अंसर ने ना केवल इन सब मुश्किल परिश्थितियों का सामना किया बल्कि अपनी मेहनत और एकाग्रता से अपना लक्ष्य भी हासिल किया।

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