Bihar Flood Situation : बिहार में मानसून के प्रवेश के साथ ही राज्य के विभिन्न जिलों में भारी बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर रखा है। लगातार तेज बारिश की वजह से राज्य में हर साल की तरह इस साल भी बाढ़ का खतरा बढ़ने लगा है। सारी नदियां उफान पर है। इस बीच कोसी नदी में कटाव का भयावह मंजर दिखने भी लगा है। चंद सेकेंड में नदी किनारे बना एक शौचालय कोसी में समा गया। वहीं, 11 नदियों में से 7 का जलस्तर बढ़ गया है। मुख्य तौर पर बागमती, कोसी और कमला-बलान नदियों के बढ़ते जलस्तर ने आस-पास के इलाकों में रहने वाले लोगों और प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है।

पूर्वी और पश्चिमी बिहार के 11 जिलों में बाढ़ दस्तक देने को है। शिवहर, सीतामढ़ी, दरभंगा, मधुबनी, सुपौल और अररिया में बढ़ते जलस्तर की वजह से लोगों का पलायन शुरू हो गया है। इतना ही नहीं, मौसम विभाग ने 5 जिलों में भारी बारिश और वज्रपात का अलर्ट भी जारी किया है।

Bihar Flood Situation : बाढ़ के संकेत मिलने लगे

सोमवार दोपहर 12 बजे तक अररिया, कटिहार, किशनगंज, मधेपुरा, दरभंगा, मधुबनी, पूर्णिया, सहरसा, सीतामढ़ी, शिवहर और सुपौल में बाढ़ के संकेत मिलने लगे हैं। इनमें सुपौल में कोसी और अररिया की नूना नदी ने तो अभी से रौद्ध रूप ले लिया है। दोनों जिलों के कम से कम दो प्रखंडों के 40 से अधिक व करीब 4 लाख की आबादी पानी के बहाव से प्रभावित हुई है। यहां कटाव की वजह से 100 से अधिक घरों को नदी ने अपनी चपेट में ले लिया है। नेपाल में हुई भारी बारिश के कारण इन नदियों में जलस्तर बढ़ा है।

राज्य की 11 में से 7 नदियों में बीते 3 दिनों में जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। इनमें बागमती मुजफ्फरपुर के कटौझा और बेनीबाद, जबकि कमलाबलान मधुबनी के झंझारपुर में खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। गंगा और पुनपुन (पटना, मुंगेर और भागलपुर), बागमती (सीतामढ़ी, शिवहर, मुजफ्फरपुर और दरभंगा), बूढ़ी गंडक (समस्तीपुर और खगड़िया), कमला बलान (मधुबनी), खीरी (दरभंगा), कोसी (कटिहार) और महानंदा (पूर्णिया) का जलस्तर लगातार कम-ज्यादा हो रहा है।

Bihar Flood Situation

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Bihar Flood Situation : जाने विभिन्न जिलों का हाल

अररिया
अररिया जिले के सिकटी में नूना नदी के जलस्तर में बेतहाशा वृद्धि दर्ज की गयी है। नेपाल से भारी मात्रा में पानी छोड़ा गया है, जिससे नूना नदी में बाढ़ की स्थिति बन गई है। इससे सिकटी के कई गांवों में लोगों के घरों तक में पानी घुस गया है।

कटिहार
कटिहार जिले से गुजरने वाली महानंदा, गंगा और कोसी के जलस्तर में वृद्धि हुई है। हालांकि नदी का पानी फिलहाल खतरे के निशान तक नहीं पहुंचा है। महानंदा के जलस्तर में बढ़ोतरी होने से कदवा के शिकारपुर पंचायत अंतर्गत माहीनगर में कटाव शुरू हो गया है।

किशनगंज
इस जिले से होकर बहने वाली महानंदा का जलस्तर बढ़-घट रहा है। सोमवार सुबह 8 बजे तक यह खतरे के निशान से 0.5 मीटर नीचे बह रही थी, जिसे देखते हुए प्रशासन ने बाढ़ से बचाव की तैयारियां शुरू कर दी है।

मधेपुरा
मधेपुरा जिले से गुजरने वाली कोसी नदी में जलस्तर का बढ़ना जारी है। रविवार को एनएच 106 पर फुलौत और बीहपुर के बीच निर्माणाधीन अत्याधुनिक फोरलेन पुल के लिए कोसी नदी में पिलर बनाने के लिए खोदा गया एक कुंआनुमा स्ट्रैक्चर पानी में डूब गया। इसकी वजह नदी का जलस्तर बढ़ने से स्ट्रक्चर के एक ओर की मिट्‌टी का कटना बताया जा रहा है।

दरभंगा
मानसून के दस्तक देते ही पूर्वी प्रखंड से होकर गुजरने वाली कोसी और कमला बलान नदी के जलस्तर में तेजी से वृद्धि शुरू हो गई है। बारिश से कमला बलान, कोसी और करेह नदी के जलस्तर में वृद्धि शुरू होते ही चौकिया घाट, उसरी गरीब घाट, कोला घाट में अस्थायी रूप से बनाए गए बांस के चचरी पुल पानी में डूब गए हैं।

मधुबनी
मधुबनी जिले के जयनगर में कमला नदी में जलस्तर बढ़ने-घटने का सिलसिला शुरू हो गया है। रविवार को कमला के जलस्तर में 75 सेमी की बढ़ोतरी हुई है। बताया जा रहा है कि नेपाल के जल अधिग्रहण क्षेत्र में बारिश जारी रही तो जलस्तर में और वृद्धि हो सकती है।

पूर्णिया
पूर्णिया जिले के बायसी अनुमंडल क्षेत्र में महानंदा नदी का जलस्तर बढ़ने लगा है। हालांकि, महानंदा डंगराहा घाट में अपने खतरे के निशान 35.65 मीटर से अभी 64 सेंटीमीटर नीचे ही बह रही है, लेकिन जलस्तर में वृद्धि के कारण क्षेत्र के निचले हिस्सों में जलजमाव के साथ-साथ कई जगहों पर कटाव काफी तेज हो गया है। मडवागांव और ताराबाड़ी पंचायत के चनकी गांव के लोगों की परेशानी बढ़ गई है।

सहरसा
कोसी नदी की तीनों मुख्य धाराओं के उफनते ही महिषी क्षेत्र के तटबंध के अंदर पानी फैलने लगा है। नेपाल के तराई इलाकों में हुई बारिश के बाद और कोसी बराज से पानी छोड़ने के बाद निचले इलाकों में पानी फैलने लगा है। सलखुआ क्षेत्र में दियारा वासियों की आवाजाही में परेशानी बढ़ने लगी है। क्षेत्र के चानन, अलानी पंचायत के अलावा अन्य पंचायत क्षेत्र के निचले इलाके में कोसी नदी का पानी फैलने लगा है।

सीतामढ़ी
बागमती नदी के विभिन्न घाटों पर लगातार जलस्तर बढ़ने से हरदी, मरहा, रातो, लालबकैया के साथ ही बागमती की पुरानी धार, मनुषमारा आदि का पानी भी अब सरेह में फैलने लगा है। इसकी वजह से मेजरगंज, सोनबरसा और सुरसंड के कई इलाकों में सड़कों पर पानी जमा हो गया है।

शिवहर
शिवहर के बेलवा में बागमती के उफान से शिवहर-मोतिहारी सड़क पर पानी चढ़ गया है, जिसके कारण इस सड़क से छोटे बड़े सभी वाहनों का आवागमन ठप हो गया है।

सुपौल
जिले के वीरपुर में कोसी नदी का जलस्तर बढ़ रहा है। बसुआ में कोसी खतरे के निशान से ऊपर चली गई है। किशनपुर के बेला गोठ गांव में कोसी ने लोगों के घरों को अपनी चपेट में लेना शुरू कर दिया है। यहां जून की शुरूआत में ही 41 घर कटाव की जद में आ चुके हैं।

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