0Shares

Bihar Government : बिहार सरकार द्वारा शीघ्र ही राज्य में सोने के साथ-साथ क्रोमियम-पोटैशियम के खनिज ब्लॉकों का खनन शुरू करवाया जाने वाला है। खनन की प्रक्रिया शुरू कर दी गयी है। टेंडर के लिए आगे की कार्रवाई की जा रही है।

इस संबध में गत शुक्रवार को खुद खान एवं भूतत्व मंत्री जनक राम ने दी है। मंत्रालय की तरफ से बताया गया कि जमुई, औरंगाबाद, नवादा सहित कई जिलों में बड़े पैमाने पर निकल, पोटाश, क्रोमियम और सोने के भंडार मिले हैं, जिसका खनन जल्द शुरू होने वाला है। इसके साथ ही 3 ब्लॉक पोटाश और एक ब्लॉक क्रोमियम निकल का पाया गया है। वहीं, जमुई के सोनो प्रखंड में सोना और औरंगाबाद में क्रोमियम के भंडार भी मिले हैं।

ज्ञात हो कि बीते दिनों केंद्रीय खान मंत्रालय ने बिहार को चार खनिज ब्लॉक सौंपे हैं। ये खान क्रोमियम और पोटैशियम के हैं और सासाराम, रोहतास, गया और औरंगाबाद में स्थित हैं। केंद्रीय कोयला एवं खनन मंत्री प्रह्लाद जोशी ने बिहार के खान एवं भूतत्व मंत्री जनक राम को खनिज सर्वे के सभी कागज़ात सौंपे थे। उसके बाद केन्द्र ने 14 राज्यों को विभिन्न खनिजों के 100 ब्लॉक सौंपकर उनसे इनकी जल्द से जल्द नीलामी कराने का आग्रह किया था।

Bihar Government

Also Read : Grant For Startup In Bihar : आर्थिक समस्या के कारण नहीं शुरू कर पा रहे व्यापार? बिहार में इन ट्रेडों में स्टार्टअप के लिये राज्य सरकार देगी अनुदान

Bihar Government : तीन पोटैशियम के और एक क्रोमियम के ब्लॉक दिये गये

खनन प्रक्रिया को लेकर जनक राम ने बताया कि “बिहार को तीन पोटैशियम के और एक क्रोमियम के ब्लॉक दिये गये हैं। इसमें सासाराम-रोहतास में 10 वर्ग किलोमीटर का नड़वाडीह ब्लॉक, आठ वर्ग किलोमीटर में टीपा खनिज ब्लॉक और शाहपुर में सात वर्ग किलोमीटर का ब्लॉक शामिल है। ये तीनों पोटौशियम के ब्लॉक हैं। इसके अलावा औरंगाबाद-गया में क्रोमियम के ब्लॉक हैं। यह आठ वर्ग किलोमीटर का है। क्रोमियम का इस्तेमाल एविएशन और मोबाइल में होता है। बिहार को इसका सीधा लाभ होगा।”

उन्होंने आगे कहा कि “राज्य सरकार इन ब्लॉक से संबंधित विभिन्न पहलुओं का विस्तृत अध्ययन कर शीघ्र ही इनकी नीलामी की प्रक्रिया शुरू करेगी। निश्चित रूप से बिहार को इसका लाभ होगा। मार्च में माइन्स एंड मिनरल (डेवलेपमेंट एंड रेग्युलेशन) एक्ट में संशोधन के बाद यह पहला मौका था, जब जी-4 स्तर यानी शुरुआती सर्वेक्षण स्तर पर खनिज ब्लॉक की नीलामी की अनुमति दी गई है। अभी तक खनन सर्वेक्षण के चार स्तरों में से जी-4 स्तर का सर्वेक्षण केवल सरकारी एजेंसियां या पीएसयू ही कर सकते थे।”

Leave a comment

Your email address will not be published.