बिहार राज्य में वाहन प्रदूषण जांच केंद्र की कमी को देखते हुए परिवहन विभाग के द्वारा बहुत ही बड़ा और अहम निर्णय लिया गया है। मिली जानकारी के अनुसार बता दे की परिवहन विभाग ने बिहार के हर प्रखंड में कम से कम एक प्रदूषण जांच केंद्र को स्थापित करने की योजना बनायीं जा रही है, और उसके लिए परिवहन विभाग लोगों को जो अपने से ही संबंधित प्रखंड में प्रदूषण जांच केंद्र को स्थापित करेंगे, उनको 3 लाख रुपए तक का अनुदान प्रदान करेगी।

 

यह घोषणा बिहार सरकार के परिवहन मंत्री शीला कुमारी के साथ में परिवहन सचिव संजय कुमार अग्रवाल के द्वारा दी गयी है। मिली जानकारी के अनुसार बताया जा रहा है कि इस संबंध में जो भी इच्छुक अभ्यर्थी अपने प्रखंड में प्रदूषण जांच केंद्र खोलने में रुचि दिखाएंगे उन्हें पटना स्थित परिवहन विभाग के कार्यालय के द्वारा आगामी 15 जनवरी 2022 तक आवेदन कर सकते हैं।

हर एक प्रखंड में जांच केंद्रे के साथ साथ मे रोजगार के अवसर

इस संबंध में परिवहन मंत्री शीला कुमारी में जानकारी देते हुए बताया कि राजधानी पटना के साथ साथ मे बिहार के हर प्रखंड में एक प्रदूषण जांच केंद्र खोल जाने से यहाँ पर रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे और साथ ही साथ लोगों को प्रदूषण जांच कराने में भी बहुत ही सुविधा होगी। दिए जाने वाले इस अनुदान के तहत ही प्रदूषण जांच केंद्र खोलने के लिए उपयोग में आने वाले उपकरणों जैसे की स्मोक मीटर, गैस एनालाईजर, डेस्कटॉप, इंटरनेट के साथ में प्रिंटर एवं यूपीएस के क्रय मूल्य के 50 प्रतिशत राशि या अधिकतम 3 लाख रुपए तक का प्रोत्साहन राशि सरकार के अनुदान के स्वरुप दिया जाएगा।

15 जनवरी तक कर सकते है आवेदन

इस संबंध में परिवहन विभाग के सचिव संजय कुमार अग्रवाल के अनुसार बताया जा रहा है कि प्रखंडों में वाहन प्रदूषण जांच केंद्र खोलने के लिए इच्छुक आवेदक 15 जनवरी 2022 तक विहित प्रपत्र में अपने आवेदन से किसी भी संबंधित जिला परिवहन कार्यालय में आवेदन करा सकता है। इसमें योग्य लाभुकों का चयन 17 जनवरी 2022 तक किया जा सकता है। जिला परिवहन पदाधिकारी के द्वारा चयनित लाभार्थियों की प्रखंडवार सूची का प्रकाशन 24 जनवरी 2022 तक संबंधित प्रखंडों में किया जा सकता है। सब कुछ ठीक होने के बाद 25 जनवरी 2022 को अंतिम सूची का प्रकाशन कर दिया जाएगा।