बिहार में शरा/बबंदी कानून को सफल बनाने के लिए सरकार लगातार नए कदम उठा रही है। अब ट्रक, बस, आटो, बाइक समेत किसी भी प्रकार के निजी या सार्वजनिक वाहनों की जांच में अगर शराब पकड़ी जाती है, तो जिला परिवहन पदाधिकारी (डीटीओ) और मोटरयान निरीक्षक (एमवीआइ) को संबंधित दोषियों को गिरफ्तार करने की शक्ति होगी।

इसके अलावा शराब पीते हुए गाड़ी चलाते हुए पकड़े जाने पर भी डीटीओ और एमवीआइ अपने स्तर से ही कार्रवाई कर सकेंगे। राज्य सरकार ने श/राबबंदी को और सख्ती से लागू करने के लिए जिला परिवहन पदाधिकारी और मोटरयान निरीक्षक को उत्पाद पदाधिकारी के रूप में तुरंत प्रभाव से नियुक्त कर दिया है। इसके अलावा प्रवर्तन अवर निरीक्षक (इंफोर्समेंट सब इंस्पेक्टर) को भी उत्पाद पदाधिकारी के रूप में तैनात किया गया है।

राज्यपाल के आदेश से मद्यनिषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक ने इससे जुड़ा गजट प्रकाशित करते हुए अधिसूचना जारी कर दी है। यह आदेश तुरंत प्रभाव से लागू हो गया है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, डीटीओ और एमवीआइ को संपूर्ण जिले के लिए जबकि प्रवर्तन अवर निरीक्षक को प्रतिनियुक्त जिला में कार्रवाई के लिए उत्पाद अधिकारी के रूप में तैनाती होगी।

दिए गए 100 से अधिक ब्रेथ ऐनालाइजर

मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग मुख्यालय की ओर से शराबियों की जांच के लिए परिवहन विभाग को करीब 100 ब्रेथ ऐनालाइजर भी उपलब्ध कराए गए हैं। सभी जिलों के परिवहन पदाधिकारी और मोटरयान निरीक्षकों को ब्रेथ ऐनालाइजर लेकर सड़कों पर वाहन चालकों की जांच करने का निर्देश भी दिया गया है।

अभी तक शरा/बबंदी मामलों में कार्रवाई के लिए पुलिस या उत्पाद अधिकारी की जरूरत होती थी मगर अब डीटीओ, एमवीआइ और प्रवर्तन सब-इंस्पेक्टर भी यह कार्रवाई कर सकेंगे।गौरतलब है कि इससे पहले मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग ने शराब माफिया तक पहुंचने के लिए प्राइवेट जासूसों की मदद लेने का निर्णय लिया था।

Leave a comment

Your email address will not be published.