पटनाः बिहार में कोरोना के रफ्तार ने लोगों को घरों में कैद होने के लिए मजबूर कर दिया है. इसी बीच बिहार में पंचायत चुनाव की तैयारियों ने जोर पकड़ लिया है. भारत निर्वाचन आयोग और राज्य निर्वाचन आयोग के बीच ईवीएम विवाद सुलझते ही चुनाव की प्रक्रिया को लेकर कार्ययोजना को अंतिम रूप दिया जा रहा है. यह तय हो गया है कि मल्टी पोस्ट नहीं, बल्कि सिंगल पोस्ट ईवीएम से चुनाव करवाए जाएंगे.

वहीं, कोरोना महामारी के बीच में ही आयोग ने निर्वाची अधिकारियों के प्रशिक्षण का कार्यक्रम भी घोषित कर दिया है. ट्रेनिंग प्रोग्राम 22 से 24 अप्रैल के बीच होगा. जानकारी के अनुसार, राज्य निर्वाचन आयोग के सचिव योगेंद्र राम ने जिला पदाधिकारियों को पत्र लिखकर निर्वाची एवं सहायक निर्वाची पदाधिकारियों के ट्रेनिंग प्रोग्राम के बारे में जानकारी दी है. प्रशिक्षण ऑनलाइन होगा. पहले दिन 22 अप्रैल को पटना, सारण एवं कोसी प्रमंडल के प्रखंड निर्वाची अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा. यह तीन घंटे का होगा. 23 अप्रैल को तिरहुत, दरभंगा, पूर्णिया और 24 अप्रैल को मगध, मुंगेर एवं भागलपुर प्रमंडल के निर्वाचन अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा.

बिहार में पहली बार ईवीएम से चुनाव

निर्वाचन आयोग की तरफ से दी गई जानकारी के अनुसार, प्रशिक्षण के दौरान नामांकन, संवीक्षा, मतदान प्रबंधन, ईवीएम, आईटी नॉलेज, कोविड गाइडलाइन, विधि व्यवस्था के बारे में बताया जाएगा. केंद्रीय और राज्य चुनाव आयोग के बीच इस बात पर सहमति बन गई है कि पंचायत चुनाव उन्हीं ईवीएम से होंगे, जिनसे लोकसभा और विधानसभा चुनाव हुए थे.  भारत निर्वाचन आयोग ने ईवीएम की आपूर्ति के लिए पत्राचार शुरू कर दिया है. राज्य में पहली बार ईवीएम से पंचायत चुनाव होने जा रहे हैं, ऐसे में पूरी चुनाव प्रक्रिया बदली हुई हो.

जिला निर्वाची पदाधिकारी के जिम्मे ईवीएम

इस बार ईवीएम की सुरक्षा एवं मतदान केंद्रों तक पहुंचाने-लाने की जिम्मेदारी जिला निर्वाची पदाधिकारी की होगी. जिलाधिकारी ही पंचायत चुनावों के जिला निर्वाची अधिकारी होते हैं. गौरतलब है कि प्रखंड विकास पदाधिकारी-ग्रामीण विकास पदाधिकारी पंचायत चुनाव के निर्वाची अधिकारी होते हैं. अंचलाधिकारी एवं अंचलों में तैनात राज्य सरकार के दूसरे अधिकारी सहायक निर्वाची अधिकारी होते हैं. जिला परिषद के सदस्यों के निर्वाची अधिकारी एसडीओ होते हैं.

सीएम ने पंचायत चुनाव पर दिए थे संकेत

बता दें कि बिहार में तेजी से बढ़ते कोरोना संकट के बीच पंचायत चुनाव पर संशय के बादल मंडरा रहे थे. हालांकि, चुनाव टलेगा या विधानसभा चुनाव की तरह ही निर्धारित समय पर ही होगा, इस सवाल का जवाब सीएम नीतीश कुमार ने भी बीते 18 अप्रैल को दिया था.  साफ-साफ कहा था कि राज्‍य सरकार ने अभी इस बारे में कुछ भी नहीं सोचा है. हालांकि, ऐसी कुछ चर्चाएं जरूर सामने आई हैं, लेकिन इस पर फैसला राज्य निर्वाचन आयोग को ही लेना है. आयोग के तैयारियों से लग रहा है कि चुनाव समय पर ही होंगे.

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