बिहार में किसानों और सरकार द्वारा फसल को उपज बढ़ाने के कई उपाय किए जाते रहे है और इस तकनीकी युग में तकनीक का प्रयोग करके किसान अपनी फसलों की पैदावार बढ़ाने में लगे है। आप सब जानते है कि फसलों को सबसे ज्यादा नुकसान खरपतवार और हानिकारक कीट पहुंचाते है और इसको रोकने के लिए किसानों द्वारा अलग अलग कैमिकल का छिड़काव किया जाता है।

 

लेकिन इन कैमिकल को किसानों द्वारा छुआ जाता है जो की उनके लिए सही नही है। इस परेशानी का इलाज अब बिहार सरकार कर रही है , बिहार में अब ड्रॉन्स की सहायता है फसल में कैमिकल का छिड़काव किया जाना शुरू हो गया है।

जिस ड्रोन का उसे कीटनाशकों के छिड़काव के लिए होने जा रहा है उसका निर्माण बिहार की एक निजी कंपनी द्वारा किया गया है, इस ड्रोन में 15 लिटर कीटनाशक एक साथ ले जाया जा सकता है जिसकी सहायता से 10 हेक्टेयर तक की भूमि पर एक बार में छिड़काव कर सकते है , इससे किसानों का समय भी बचेगा और उनको हानिकारक प्रभाव वाले केमिकल्स को छूना भी नही पड़ेगा। इस ड्रोन को बिहार एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी द्वारा भी ग्रीन सिग्नल दे दिया गया है।

 

इस कंपनी द्वारा 13 जगह पर ऐसे ड्रोन स्टेशन खोले जायेंगे और सबसे पहले मोकामा में ऐसा ड्रोन स्टेशन खोला जाएगा। केंद्रीय कृषि विभाग के जॉइंट सेक्रेटरी एन. विजयलक्ष्मी जी का कहना है कि किसको को ड्रोन काफी पसंद आ रहे है और किसान भाई इसका सही तरीके से इस्तेमाल कर सके इसके लिए उनको प्रोपर ट्रेनिंग भी दी जाएगी । ड्रोन का यूज करने से इनका समय भी बचेगा और पैदावार भी अच्छी खासी होगी। सरकार द्वारा निजी कंपनियों और किसानों ले बीच समन्वय स्थापित करने के लिए काम भी किए जा रहे है।