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Bulldozer Against Encroachment : सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे के खिलाफ बिहार सरकार ने सख्ती से कार्रवाई शुरू कर दी है। सरकार के अभियान के तहत पटना में राज्य आवास बोर्ड की भूमि पर बने मकानों पर बुल्डोजर चलाया जा रहा है। अतिक्रमण के विरुद्ध प्रशासन की बड़ी मुहिम राजधानी के नेपाली नगर, राजीव नगर, दीघा क्षेत्र में शुरु कर दी गयी है।

यहां प्रशासन लगभग डेढ़ दर्जन जेसीबी लेकर पहुंची। सुबह के समय ही पूरे इलाके में लगभग 2,000 पुलिस वालों को तैनात किया गया था। प्रशासन के बड़े अधिकारियों की देख-रेख में मकानों को ध्वस्त करने का अभियान जैसे ही शुरू हुआ वैसे ही गुस्साये लोगों का जमावड़ा शुरू हो गया। लोगों के विरोध के कारण सिटी एसपी अंबरीश राहुल, पुलिस महकमे की प्रिया कुमारी चौधरी सहित कई पुलिसकर्मियों एवं आम लोगों को गंभीर चोटें आई, जिसके बाद हवाई फायरिंग शुरू हुई। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले भी दागे गए।

Bulldozer Against Encroachment

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Bulldozer Against Encroachment : पत्थर चला कर और आग लगाकर अभियान को रोकने की कोशिश

लोगों के भारी विरोध के बाद प्रशासन ने जेसीबी मशीन को पीछे करना शुरू कर दिया। अधिकारी व पुलिसकर्मी सभी पीछे हो गए। स्थानीय लोगों ने ग्राउंड फ्लोर की बिल्डिंग में गैस सिलेंडर में आग लगा दी। प्रशासन को रोकने के लिए और कामों में बाधा डालने के लिए स्थानीय लोगों ने कई तरकीब अपनाई है। पत्थर चला कर और आग लगाकर अभियान को रोकने की कोशिश हुई, लेकिन प्रशासन ने आंसू गैस के गोले दागे। कुछ लोगों पर जमकर लाठीचार्ज भी हुआ और कुछ को गिरफ्तार भी किया गया।

प्रशासन की मानें तो बिहार राज्य हाउसिंग बोर्ड की भूमि पर इन लोगों ने अवैध कब्जा कर रखा है। बता दें कि प्रशासन ने लगभग एक महीने पहले ही इन सभी मकानों को ध्वस्त करने के लिए संबंधित भूमि मालिकों को नोटिस दे दिया था। इसके बाद लोगों ने आंदोलन शुरू किया। प्रशासन से उन लोगों ने गुहार भी लगाई थी। उनका तर्क था कि नगर निगम को मकान के लिए टैक्स देते हैं। इसके बावजूद भी उनका घर तोड़ा जा रहा है।

Bulldozer Against Encroachment : एक हफ्ते का वक्त देकर खुद ही मकान तोड़कर हटाने को कहा

अंचल अधिकारी ने घर के कागजातों को देखा था। इसके बाद उन्हें एक हफ्ते का वक्त देकर खुद ही मकान तोड़कर हटाने को कहा गया था। ऐसा नहीं होने पर मकान को प्रशासन द्वारा ध्वस्त करने और जुर्माना भी लगाने की बात कही गई थी।

प्रशासन ने निर्माणाधीन मकानों को टारगेट किया है। इस इलाके में बहुत जमीन खाली है, जिस पर लगातार मकान बनाये जा रहे हैं। पटना के इस क्षेत्र में सरकारी जमीन पर हजारों मकान बने हुए हैं, लेकिन प्रशासन इन दिनों केवल एक चिन्हित इलाके के लगभग 70 मकानों को ध्वस्त करने के प्लान में है। पूरी सतर्कता के साथ प्रशासन धीरे-धीरे अपने काम को अंजाम दे रहा है।

इलाके के लोगों में प्रशासन के प्रति काफी रोष है। वे किसी भी परिस्थिति में अपने मकान टूटने नहीं दे रहे हैं। प्रशासन की टीम पर लगातार पत्थरबाजी हो रही है। प्रशासन के काम में बाधा डालने के लिए लोगों ने रास्ते में आग लगा दी, तो कई लोगों ने महिला पुलिसकर्मियों को निशाना बनाया।

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