पटनाः बिहार विधानसभा चुनाव के पहले ही एलजेपी और जेडीयू नेताओं के बीच जुबानी जंग जारी है. महागठबंधन छोड़ जेडीयु के जरिए एनडीए में मांझी के आगमन से एलजेपी नेता काफी नाराज है. वहीं, नीतीश कुमार के पक्ष में हम नेताओं ने बैटिंग करनी शुरू कर दी है. दलित पॉलिटिक्स पर नीतीश के मास्टर स्ट्रोक ने एलजेपी अध्यक्ष चिराग पासवान को भी सोचने पर मजबूर कर दिया है.

सोमवार को लोक जनशक्ति पार्टी (LJP) के बिहार संसदीय बोर्ड की बैठक हुई जिसमें एलजेपी नेताओं ने नीतीश कुमार के नेतृत्व में चुनाव लड़ने से साफ इंकार कर दिया. वहीं, नीतीश कुमार के दलित पॉलिटिक्स पर मास्टर स्ट्रोक और हम के कड़े रुख से एलजेपी बैकफुट पर आ गई है. पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी (Jitan Ram Manjhi) के मुद्दे पर एलजेपी के तेवर नरम हैं. मांझी के सवाल पर राजू तिवारी का कहना है कि’ ‘हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान ने कहा है कि मांझी हमारे परिवार के बहुत वरिष्ठ सदस्य हैं, उनके बारे में किसी को कोई कमेंट नहीं करना है.’

जेडीयू के खिलाफ एलजेपी

बता दें कि जनता दल (यू) के खिलाफ लोक जनशक्ति पार्टी (एलजेपी) चुनाव लड़ेगी या नहीं इसका फैसला एलजेपी अध्यक्ष चिराग पासवान करेंगे. पार्टी ने सोमवार को पासवान को इसके लिए अधिकृत किया है. वहीं, चिराग पासवान अपनी पार्टी एलजेपी के उम्मीदवारों को अब जेडीयू के खिलाफ मैदान में उतारने की सोच रहे हैं. एलजेपी ने 143 विधानसभा क्षेत्रों के लिए प्रत्याशियों की सूची बनाने का निर्णय लिया है.

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