पटनाः देश के अन्य राज्यों के साथ-साथ बिहार में भी कोरोना ने रफ्तार पकड़ ली है. इसे देखते हुए नीतीश सरकार सख्त हो गई है. कोरोना वायरस संक्रमण को कंट्रोल में रखने के लिए सीएम नीतीश कुमार ने एक बार फिर से तैयारियों की समीक्षा की और दिशा निर्देश जारी किए हैं. शनिवार को कोविड-19 को लेकर हाई लोवल की  समीक्षा बैठक की.

इस बैठक में स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव प्रत्यय अमृत स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे शिक्षा मंत्री विजय कुमार चौधरी शामिल रहे. सीएम ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वह कोरोना संक्रमण को रोकथाम के लिए व्यवस्था करने के साथ-साथ स्वयं उसकी निगरानी भी करें. बिहार में बाहर आने वाले लोगों की ट्रैवल हिस्ट्री की जानकारी एवं उनके संपर्क में आने वाले लोगों को सचेत किया जाए.

बिहार आने वाले की विशेष निगरानी

सीएम ने निर्देश देते हुए कहा कि होली पर अन्य राज्यों से लोग वापस बिहार आ रहे हैं. ऐसे में यहां आने और जाने वाले लोगों की विशेष निगरानी होनी आवश्यक है. दूसरे राज्यों से जो लेग बिहार के जिलों में प्रवेश कर रहे हैं उनकी ट्रैवल हिस्ट्री की जानकारी रखी जाए. उनके संपर्क में आने वाले लोगों को भी सचेत करें. सीएम ने कहा कि कोरोना की कम से कम 70 प्रतिशत आरटीपीसीआर जांच होनी चाहिए. इसके अलावा आरटीपीसीआर जांच की रिपोर्ट 24 घंटे के अंदर मिलनी चाहिए. इस जांच रिपोर्ट में देरी नहीं हो इसका विशेष ध्यान रखा जाए.

बिहार में खुले रहेंग स्कूल

बिहार के सीएम ने सख्त निर्देश देते हुए कहा है कि हरह हाल में कोरोना गाइडलाइन का पालन कराया जाए. सीमित संख्या में लोग पर्व त्योहार में इकट्ठा हों. इससे बचाव के लिए टीकाकरण में तेजी लाया जाए. हेल्थ वर्कर फ्रंटलाइन वर्कर, पुलिसकर्मियों का टीकाकरण तेजी से कराया जाए. सभी पेंशनधारियों का भी टीकाकरण अवश्य कराएं. अफवाहों को खारिज करते हुए सीएम ने स्पष्ट करते हुए कहा कि बिहार के सभी स्कूल खुले रहेंगे. यहां बच्चों की पढ़ाई जारी रहेगी. स्कूल में कोरोना संबंधित जरूरी सुविधाओं का ख्याल रखा जाए. विद्यालय प्रशासन को सोशल डिस्टेंस और कोरोना गाइडलाइन का पालन कराना सुनिश्चित करना होगा.

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