पटनाः गया के विष्णुपद मंदिर की बदहाली पर दायर हुई जनहित याचिका पर सुनवाई पटना हाईकोर्ट में हुई. जिसके आदेश पर बिहार सरकार ने धार्मिक न्यास बोर्ड का गठन कर लिया है. बिहार राज्य धार्मिक न्यास बोर्ड का पूर्णरूपेण  गठन करने की जानकारी सरकार ने कोर्ट को दी है. पूर्व विधि सचिव अखिलेश कुमार जैन अध्यक्ष बने हैं जबकि 10 सदस्य भी बनाए गए हैं.

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नीतीश सरकार को इस मामले में पिछली बार हाईकोर्ट ने फटकार लगाई थी. वहीं अब सरकार की तरफ से पटना हाई कोर्ट में एक पूरक शपथ पत्र सोमवार ( 4 जनवरी ) को दायर कर दी गई. सोमवार से शुरू हुए फिजिकल कोर्ट में मुख्य न्यायाधीश संजय करोल व न्यायाधीश राजीव रंजन प्रसाद की खण्डपीठ ने गौरव कुमार सिंह की जनहित याचिका पर सुनवाई की. इश दौरान सरकार की तरफ से शपथ पत्र दायर किया गया.

2 जनवरी को हुआ बोर्ड का गठन

शपथ पत्र के जरिये कोर्ट को बताया गया है कि राज्यपाल ने बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम 1950 की धारा 8(1) (4) के तहत दी हुई शक्तियों का प्रयोग करते हुए दस सदस्यीय राज्य धार्मिक न्यास समिति का गठन गत 2 जनवरी को किया है. बोर्ड के गठन का सरकार का यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होगा.

कई एमएलसी और एमएलए बने सदस्य

अध्यक्ष के अलावा नव गठित बोर्ड के सदस्य के रुप में हरिभूषण ठाकुर बचौल-एमएलसी, नीरज कुमार-एमएलसी, कालिका दत्त झा विभागाध्यक्ष ,संस्कृत-ललित नारायण मिथिला यूनिवर्सिटी, विजय गिरि, पुजारी बड़ी पटनदेवी , शुकदेव दास जी, महंत-बगही मठ सीतामढ़ी,  चंदन कुमार सिंह देवचौरा अंदर- विष्णुपद मंदिर गया, डॉ. रणवीर नंदन पूर्व एमएलसी, रत्नेश सदा, एमएलए, गणपति त्रिवेदी सीनियर एडवोकेट पटना हाई कोर्ट. बता दें कि ये करीब एक दशक से पटना हाई कोर्ट में न्यास बोर्ड के वकील हैं.

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