अब बिहार बनेगा बिजली में आत्मनिर्भर, इस जिले में बनने जा रहा पहला इंटरनेशनल सुपर पावर ग्रिड

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पटना: बिहार का पहला इंटरनेशनल सुपर पावर ग्रिड कटिहार जिले के कोढ़ा प्रखंड में बनेगा. इस ग्रिड की क्षमता 756 केवी होगी.  इससे करीब एक हजार मेगावाट विद्युत आपूर्ति (पावर फ्लो) कटिहार से करीब 177 किमी दूर बांग्लादेश के पारबोतिपुर और पारबोतिपुर से करीब 238 किमी दूर असम के बोरनगर में हो सकेगी.

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ग्रिड निर्माण में 4300 करोड़ रुपये खर्च आयेंगे जिसे केंद्र सरकार वहन करेगी. वहीं, बिहार सरकार इसके लिए करीब 150 एकड़ जमीन उपलब्ध करवायेगी. जबकि पैसा भी केंद्र सरकार देगी. ऊर्जा विभाग मंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव ने मीडिया को संबोधित करते हुए केंद्रीय ऊर्जा राज्य मंत्री आरके सिंह और पीएम के सचिव को धन्यवाद दिया.

बिहार में बढ़ेगा पावर क्षमता

विजेंद्र यादव ने बताया कि बिहार में यह पहला इंटरनेशनल सुपर पावर ग्रिड है. साथ ही राज्य में यह दूसरा सुपर पावर ग्रिड है. इससे पहले इस तरह का सुपर पावर ग्रिड गया में करीब 106 एकड़ जमीन पर है. ग्रिड के निर्माण से बिहार की क्षमता में बढ़ोतरी होगी. इसके साथ ही नेपाल से सीतामढ़ी के बीच करीब 257 किमी की लंबाई में करीब 1300 करोड़ रुपये की लागत से अरुण कोसी नदी पर पनबिजली परियोजना बन रही है.

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इस परियोजना से करीब 900 मेगावाट बिजली का उत्पादन होगा. इसका निर्माण सतलुज जल विद्युत निगम करवा  रहा है जो बक्सर के चौसा में भी 1320 मेगावाट क्षमता का थर्मल पावर प्लांट बना रहा है. मीडिया से बातचीत के दौरान विभाग के सचिव सह बिजली कंपनी के सीएमडी संजीव हंस और बिहार राज्य पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड के एमडी संदीप कुमार आर पुदकलकट्टी सहित पावर ग्रिड के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे.

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