कोरोना से रिकवर होने के लिए होम आइसोलेसन में खान-पान पर ऐसे दें ध्यान, जल्द हो जायेंगे भले चंगे

0
7

कोरोना वायरस के दूसरे लहर में अस्पताल में बेड कम पड़ गए हैं. ऐसे में ज्यादातर मरीज होम आइसोलेट होकर अपना इलाज करा रहे हैं. अगर आप भी संक्रमित होकर अपने घर में आइसोलेट हैं तो अपने खानपान पर भी विशेष रूप से ध्यान देने की जरूरत है. क्योंकि संक्रमण के दौरान शरीर का कमजोर होना स्वभाविक है.

कोरोना से उबरने के लिए अपनी दिनचर्या को बदलने के साथ विशेष रूप से खानपान पर ध्यान देने की जरूरत है. ताकि  शरीर को प्रचुर मात्रा में पोषक तत्व मिल सके और आपके रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़े. राजधानी के मशहुर डायटीशियन काजोल का कहना है कि संक्रमण काल में प्रचुर मात्रा में खनिज लवण, प्रोटीन, विटामिन वाले पोषक तत्वों का सेवन करें. सुबह उठने के बाद हल्के गर्म पानी में नींबू को निचोड़ उसे ग्रहण करें.

ड्राई फ्रूट, विटामिन सी का करें सेवन

सुबह-सुबह मुंह हाथ धोने के बाद सूखे मेवे, ड्राई फ्रूट थोड़े मात्रा में ले सकते है. जबकि नाश्ता में दलिया, रोटी, सब्जी, दाल लें जिससे शरीर को मिनरल, विटामिन आदि प्रचुर मिल सके. वहीं, दोपहर के भोजन में सलाद, नींबू, रोटी, दाल, सब्जी का सेवन करें. भोजन करने के बाद थोड़ा आराम करें. शाम में फल, सूजी का उपमा, ब्रेड खाने में प्रयोग कर सकते हैं. डिनर में हल्का व सुपाच्य रोटी, सब्जी लें. पॉजिटिव व्यक्ति कम से कम दिन व रात मिलाकर 10-12 ग्लास पानी जरूर लें. इस दौरान ठंडा पानी पीने से परहेज करें.

इन फलों का करें सेवन

होम आइसोलेशन के दौरान मौसमी फलों में पपीता, तरबूज, केला, मौसमी, संतरा आदि को आहार के रूप में ले सकते हैं. वहीं, पटना आयुर्वेद कॉलेज के पूर्व प्राचार्य डॉ. विद्यावति पाठक का कहना है कि संक्रमण के दौरान बाहर के चीजों को खाने के बजाए घर का बना खाना खायें. खासकर, संक्रमण काल में सादा भोजन को प्राथमिकता दें.

ये भी पढ़ेंः कोरोना मरीज ने पटना एम्स की पांचवीं मंजिल से कूदकर दे दी जान, मचा हड़कंप

विटामिन और मिनरल के लिए फलों का सेवन करने के साथ रसदार फल, साबुत अनाज, नारियल का पानी, सूखे मेवे आदि का सेवन करें. इस दौरान ज्यादा नमक का प्रयोग करने से बचें. नमक का ज्यादा प्रयोग करने से ब्लड प्रेशर बढऩे के साथ हार्ट और किडनी की बीमारी बढऩे की संभावना होती है. वहीं योग गुरु जितेंद्र कुमार की मानें तो अनुलोम विलोम, भस्त्रिका प्राणायाम धीरे-धीरे करें. इससे शरीर में ऑक्सीजन मिलने के साथ फेफड़ों को भी मजबूती मिलती है. लेकिन इसका अभ्यास भी योग गुरु के परामर्श पर करें.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here