जेल से घर पहुंचे बेटे को पकड़ फफक-फफक कर रोने लगे मधुबनी नरसंहार पीड़ित पिता, हर किसी की आंखे हुई नम

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मधुबनीः महमदपुर में गोलीबारी में हुई हत्याकांड के 11 वें दिन संजय सिंह गुरुवार दिन के करीब सवा बारह बजे दिन में महमदपुर गांव स्थित अपने पैतृक आवास पर पुलिस की खास सुरक्षा में पहुंचे. उनके घर पर पहुंचते ही एक बार फिर से मातम पसर गया. दरबाजे के पास पहुंचते ही संजय के आखों से आसूं बहने लगे.

जैसे-जैसे उनके कदम अपने घर की ओर रहा था उनका रोना तेज हो रहा था. घर पर पहुंचते ही संजय परिजन का और परिजन संजय का गले पकड़कर फफक-फफक कर रोने लगे. शामियाने में अनशन पर बैठे सभी परिजन भी जोर-जोर से रोने विलखने लगे. बच्चों और महिलाओं का भी रो-रो कर बुरा हाल था. परिजनों के विलाप से एक बार फिर से मातम की स्थिति दिखने लगी.

बेटे के गले लग रोने लगी मां

संजय के दरबाजे पर पहुंचते ही सबसे पहले बरामदे पर बैठी अपनी मां बेटे को गले लगा कर रोने लगी. वहां से लोग उन्हें दरबाजे पर लगे शामियाने में लेकर आये जहां उस समय औरंगाबाद के सांसद सुशील कुमार सिंह और एमएलसी सुमन महासेठ के साथ उनके पिता सुरेंद्र सिंह बैठे थे. उक्त जगह पहुंचते ही सुरेंद्र सिंह संजय का हाथ पकड़कर रोने विलखने लगे.

संजय को देख पिता की आंखे हुई नम

पिता की हालत देख संजय भी अपने आप को रोक नही सके और फफक-फफक कर रोने लगे और पिता को भी चुप कराते रहे. इसी बीच संजय को देखते ही उनके छोटे-छोटे बच्चे भी रोने लगे और गोद में जाने की ज़िद करने लगे तो किसी परिजन ने उस बच्चे को लाकर संजय सिंह के पास पहुंचाया. बच्चे के आते ही संजय बच्चों को गोद में लेकर चूमने लगे.

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आलम यह था कि दरबाजे पर खड़े सभी लोगों के आखों में भी आंसू आ गये. इसके बाद सांसद श्री सिंह और एमएलसी श्री महासेठ ने संजय से पूर्व के विवाद की पूरी जानकारी ली. इसके बाद नेता द्वय ने घटना पर दुःख व्यक्त करते हुए पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने का आश्वासन दिया.

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