पटनाः एसटी आरक्षण को लेकर बिहार की सियासत में लगातार ऊबाल आ रहा है. आज जनवादी पार्टी (सोशलिस्ट) के बैनर तले गर्दनीबाग में एक दिवसीय धरना दिया गया. इसकी अध्यक्षता बिहार प्रदेश अध्यक्ष जय किशन कुमार चौहान ने की. नोनिया, बिंद, बेलदार, निषाद, मल्लाह, केवट, गोढ़ी, चॉय, तियर, खुलवट, वनपर एवं सभी 12 जातियों को अनुसूचित जनजाति में आरक्षण देने से केंद्र सरकार ने इनकार कर दिया है.

आरक्षण नहीं दिए जाने के विरोध में जनवादी नेता और कार्यकर्ताओं ने एक दिवसीय धरना दिया. धरना-प्रदर्शन में मुख्य अतिथि के रूप में राष्ट्रीय अध्यक्ष महिला मोर्चा, सरिता रानी बिंद मौजूद रहीं. इसके अलावा राष्ट्रीय सचिव सह बिहार युवा प्रभारी गणेश कुमार बिंद, राष्ट्रीय सचिव राधेश्याम सिंह चौहान, वरिष्ठ उपाध्यक्ष बिहार प्रदेश तरुण सिंह एवं तमाम पार्टी के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे.

       सरिता बिंद, राष्ट्रीय अध्यक्ष महिला मोर्चा, जनवादी पार्टी (सोशलिस्ट)

राज्यपाल सीएम और मंत्रियों के आवास का होगा घेराव

इस धरना कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य उपरोक्त सभी जातियों को अनुसूचित जनजाति में शामिल करवाना था. सरिता बिंद ने कहा कि चुनाव के समय सभी पार्टी आरक्षण देने का वादा करती हैं पर जब वह सत्ता में आते हैं तो हमारे समाज को ठेंगा दिखा देते हैं. उन्होंने कहा कि एक महीना पहले ही केंद्र इसे खारिज कर चुकी है. जब इस मुद्दे को जनवादी ने जोरशोर से उठाया तब सत्ता की मलाई चाभ रहे मुकेश को नींद टूटा है. सरिता बिंद ने आगाह करते हुए कहा कि पार्टी और समाज के लोग सीएम, राज्यपाल के आवास का भी घेराव करेंगे.

आरक्षण की मांग खारिज होने से लगा धक्का

वहीं, दूसरी तरफ राष्ट्रीय सचिव गणेश बिंद ने कहा कि हमारा समाज सदियों से सामाजिक आर्थिक राजनीतिक रूप से पिछड़ा है. आरक्षण के बिना इन सभी जातियों का संपूर्ण विकास संभव नहीं है. जिसको लेकर यह एक दिवसीय धरना का आयोजन किया गया. यह लड़ाई विगत कई वर्षों से चलते आ रही है. वर्तमान में बिहार सरकार के अवर सचिव बिहार सरकार द्वारा 21 मई 2014 को केंद्र सरकार को एक रिपोर्ट सौंपी गई पर केंद्र सरकार के जनजाति मंत्रालय द्वारा इसे खारिज कर दिया गया. जबकि इस समाज की स्थिति अनुसूचित जनजाति से बदतर है जिससे कि समाज को गहरा धक्का लगा जिस कारण से इस धरने का आयोजन किया गया.

 राष्ट्रीय सचिव सह बिहार युवा प्रभारी गणेश बिंद

नाटक कर रहे हैं मुकेश सहनी

जनवादी सचिव गणेश बिंद ने वीआईपी अध्यक्ष और पशुपालन एवं मत्सय मंत्री मुकेश पर जोरदार हमला बोला. उन्होंने कहा कि मुकेश सहनी जिस समाज के वोट के बल पर सत्ता में पहुंचे उसे ही ठेंगा दिखा दिया. उन्होंने सत्ता का सुख भोगने के अलावा इस पर ध्यान भी नहीं दिया. एक महीने पहले ही केंद्र सरकार हमारी मांग को खारिज कर दी. जब जनवादी पार्टी इस मुद्दे पर विरोध जताना शुरू की तो सहनी इस्तीफा देने का नाटक कर रहे हैं. अगर उनको सच में समाज का फिक्र है तो इस्तीफा देकर मोदी सरकार का विरोध कीजिए.

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