पटना: राजधानी के कारगिल चौक पर जाप कार्यकर्ताओं द्वारा बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का पुतला दहन किया गया. पुतला दहन बिहार में बढ़ती महंगाई, बढ़ती शराब तस्करी, युवाओं को रोजगार ना मिलना, बिहार में युवाओं का बढ़ता पलायन, शराब और गांजे की बढ़ती बिक्री के अलावा बदहाल शिक्षा व्यवस्था को लेकर जाप कार्यकर्ताओं ने सरकार पर निशाना साधा.

पुतला दहन का नेतृत्व जन अधिकार पार्टी के पटना महानगर अध्यक्ष उत्कर्ष कुमार ने किया. उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार 15 साल का कार्यकाल पूरा कर चुके हैं. उन्होंने युवाओं को रोजगार देने, पलायन रोकने से लेकर शिक्षा और स्वास्थ्य की बदहाल स्थिति से निजात देने का वादा किया. लेकिन इसका ग्राफ दिन-प्रतिदिन गिरता ही जा जा रहा है.  बिहार की कानून व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है. और बिहार के शराबबंदी की पोल पूरी तरह से खुल गई है.

युवाओं को नशें में देखना चाहते हैं सीएम

शराब माफियाओं का तांडव पूरे बिहार के लिए घातक है. नीतीश कुमार शराबबंदी करने के बाद जिन महिलाओं की खुशी की बात करते हैं वह उस माँ का दुख क्या समझेंगे. जिसका बेटा रात को नशा करके आता और मां को पता ही नहीं होता कि यह मेरा बेटा कौन सा नशा करता है. जब बिहार में शराबबंदी, नशाबंदी है तो फिर कुकुरमुत्ता की तरह क्यों बिहार में नशा मुक्ति केंद्र खुल रहे हैं. उन नशा मुक्ति केंद्र में 25 वर्ष से कम के युवा ही सबसे ज्यादा नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती हैं.

पटना में खुलेआम बिकता है गांजा

जाप नेता ने आरोप लगाते हुए कहा कि युवा नशीली दवा, ड्रग्स का सेवन करते हैं और सीएम चाहते हैं कि बिहार का युवा पीढ़ी इसी में डूबा रहे. ताकि, बिहार की युवाओं की खुद की सोचने और समझने की क्षमता खत्म हो जाये. उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार शराब, नशीली नशीले पदार्थों की बिक्री को सबूत मांगते रहते हैं तो जरा गूगल मैप्स पे सर्च कर के देखे उनको पटना में ही गांजा स्टोर मिल जाएगा. जहां, खुलेआम गांजा बिकता है और सबसे ज्यादा युवा खरीदते हैं.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here