जेडीयू
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पटनाः बिहार में नीतीश मंत्रिमंडल का विस्तार कभी भी हो सकता है. सम्भावित मंत्रियों के नाम की चर्चा तेज हो गई है. JDU कोटा के मंत्रियों के चयन के लिए पार्टी आलाकमान जातीय समीकरण और क्षेत्र का खास ख्याल रख रही है. कई चेहरे मंत्री की रेस में आगे चल रहे हैं.

अतिपिछड़े कोटे से मुकेश सहनी के काट के रुप में पूर्व मंत्री मदन सहनी रेस में सबसे आगे हैं. हालांकि, इस रेस में नीतीश कुमार के नजदीकी MLC भीष्म सहनी भी में बने हुए हैं. जबकि दलित कोटे से पूर्व DG और गोपालगंज जिले से पहली बार विधायक चुन कर आये सुनील कुमार पूर्व मंत्री महेश्वर हजारी को टक्कर दे रहे हैं.

                                                            पूर्व डीजी सुनील कुमार(फाइल फोटो)

वहीं, लव-कुश समीकरण की बात करें तो नीतीश कुमार के नजदीकियों में शुमार पूर्व मंत्री श्रवण कुमार कुर्मी कोटे से रेस में कुर्मी कोटा से सबसे आगे हैं. दूसरी तरफ कुशवाहा कोटा से युवा नेता और बांका के अमरपुर से पहली बार एमएलए बने जयंत राज कुशवाहा सबसे आगे हैं. हालांकि, उन्हें बिहारीगंज के जेडीयू विधायक और वरिष्ठ नेता निरंजन मेहता भी कुशवाहा कोटा से टक्कर दे चल रहे हैं.

                                                         जेडीयू विधायक जयंत कुशवाहा (फाइल फोटो)

राजपूत कोटे में जद्दोजहद

नीतीश कैबिनेट में शामिल होने के लिए सबसे ज्यादा पेंच राजपूत कोटे में फंसी हुई है. पूर्णिया से आने वाली महिला राजपूत नेत्री लेसी सिंह सबसे आगे हैं. जिन्हें पूर्व मंत्री नरेंद्र सिंह के बेटे सुमित सिंह से टक्कर मिल रही है. हालांकि, सुमित सिंह के अलावा वाल्मिकी नगर से जीत कर आयी रिंकु सिंह भी शामिल हैं.

                                                           सुमित सिंह (फाइल फोटो)

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इसके अलावा मुस्लिम कोटा में हालिया दिनों मे बसपा से जेडीयू में शामिल हुए विधायक जमा खान मंत्री बनने की रेस में सबसे आगे निकल गए हैं. हालांकि, जेडीयू के सीनियर लीडर और विधान पार्षद ग़ुलाम गौस का भी नाम चल रहा है. वहीं, पूर्व मंत्री संजय झा भी मंत्री बनने की रेस में बने हुए हैं. जल्द ही आलाकमान इस इस लिस्ट में विधायकों का मंत्रिमंडल के लिए चयन कर सकता है.

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