मांझी-सहनी को नीतीश कुमार ने दिया तगड़ा झटका, फेर दिया अरमानों पर पानी

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पटना:बिहार में नीतीश कुमार की अगुवाई वाली सरकार का 84 दिनों बाद विस्तार हो गया है. आज हुए शपथ ग्रहण समारोह को लेकर पटना स्थित राजभवन में 17 नेताओं ने मंत्री पद की शपत ली. खास बात यह है कि नीतीश कुमार के मंत्रिमंडल में इस बार सिर्फ बीजेपी और जेडीयू को ही जगह मिली है. दो अन्य सहयोगी दल वीआईपी और हम के किसी भी एमएलए या एमएलसी को नीतीश कैबिनेट में जगह नहीं मिली.

ऐसे में अब हम प्रमुख जीतनराम मांझी के नीतीश सरकार में मंत्रिमंडल में हिस्सेदारी को लेकर बवाल शुरू हो गया है.इतना ही नहीं मांझी के इस मांग के समर्थन में एनडीए के एक और घटक दल वीआईपी के प्रमुख मुकेश सहनी भी आ गए हैं. मुकेश सहनी ने कहा है कि निषाद समाज को बिहार में आरक्षण दिया जाए. जब बंगाल के साथ अन्य राज्यों में आरक्षण दिया जा रहा है तो बिहार में भी मिलना चाहिए.

नहीं मिली कैबिनेट विस्तार में जगह 

दरअसल, बिहार में जब से नीतीश कैबिनेट के विस्तार की बात चल रही थी, तब से ही NDA में शामिल दो अन्य दल यानी जीतन राम मांझी की पार्टी हम और मुकेश सहनी की वीआईपी,मंत्री पद को लेकर आशान्वित थे. यही कारण है कि खुद जीतन राम मांझी और मुकेश सहनी नीतीश मंत्रिमंडल में अपनी अधिक हिस्सेदारी को लेकर बयान दे चुके थे. दोनों नेताओं ने नीतीश कैबिनेट में कम से कम एक मंत्री पद और दिए जाने की मांग की थी. साथ ही एमएलसी पद को लेकर भी अपनी इच्छा जाहिर की थी, लेकिन दोनों में से किसी दल के चेहरे को नीतीश कैबिनेट में जगह नहीं मिली है.

छिड़  गया घमासान 

अब एनडीए के अलग-अलग घटक दलों में प्रेशर पॉलिटिक्स लगातार बढ़ता ही जा रहा है. फिलहाल एनडीए का सबसे बड़ा घटक दल बीजेपी है जो सरकार में ज्यादा शक्तिशाली अवस्था में है. ऐसे में एनडीए के अंदर यह मांग वाला घमासान,बातचीत के मसले से हल किया जाता है या ये घमासान यूं हीं चलता रहेगा.

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