पटना: यूपी के हाथरस में दलित युवती के साथ बर्बरता और परिजन के साथ प्रशासन के रवैये पर देश भर में गुस्सा है. देश भर में इसका विरोध हो रहा है. बीजेपी की सहयोगी पार्टी जेडीयू ने हाथरस मामले को लेकर यूपी की योगी आदित्यनाथ सरकार पर निशाना साधा है. जेडीयू महासचिव केसी त्यागी ने कहा कि दलित युवती को न्याय दिलाने के लिए अगर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को हस्तक्षेप करना पड़े तो किसी प्रदेश सरकार के लिए इससे ज्यादा शर्म की बात और क्या होगी?

जेडीयू के राष्ट्रीय महासचिव केसी त्यागी का कहना है कि दलितों और पिछड़े वर्ग के लोगों को सुरक्षा प्रदान करना सरकार का दायित्व है. हाथरस की घटना यूपी सरकार के लिए शर्मनाक है. जेडीयू नेता ने कहा कि क्या देश में अब दलितों-वंचितों के साथ रेप के मामले में न्याय के लिए प्रधानमंत्री को हस्तक्षेप करना होगा? योगी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, यह उत्तर प्रदेश सरकार के लिए डूब मरने जैसी बात है.

सीएम नीतीश कुमार (फाइल फोटो)
सीएम नीतीश कुमार (फाइल फोटो)

यूपी पुलिस-प्रशासन पर सवाल

वहीं, केसी त्यागी ने यूपी पुलिस और प्रशासन के रवैये पर भी सवाल खड़े किए हैं. उन्होंने कहा कि गैंगरेप के बाद पीड़िता को गंभीर स्थिति में भी एम्स में भर्ती नहीं कराया गया. पीड़िता की मौत के बाद परिजनों को अंतिम दर्शन तक नहीं करने दिया गया. अंतिम संस्कार से पहले की जाने वाली परंपरा से परिजन वंचित रह गए. यह कौन सी हिंदू संस्कृति है कि रात में ही परिजनों की मर्जी के खिलाफ और उनकी अनुपस्थिति में दाह संस्कार कर दिया जाए.

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यूपी सरकार के लिए डूब मरने जैसी बात

हाथरस कांड में पीड़िता के अंतिम संस्कार को लेकर पुलिसकर्मियों के रवैये पर केसी त्याग ने सवाल उठाया है. जेडीयू नेता कहना है कि पुलिस पीड़िता के साथ दुष्कर्म और प्रताड़ित नहीं करने का दावा किया. उन्होंने कहा कि इतनी क्रूरता तो निर्भया कांड में भी पुलिस-प्रशासन ने नहीं बरती. निर्भया कांड के बाद ये उम्मीद जगी थी ऐसे मामले में कुछ सुधार होगा, लेकिन महिला सुरक्षा को लेकर ऐसा कुछ होता नजर नहीं आ रहा.
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