बस्ती: उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले के एक आशिक मिजाज दारोगा दीपक सिंह को पुलिस ने गिरफ्तार किया है. प्रशासन की सख्ती के बाद आखिरकार पीड़िता को इंसाफ मिल गया. आरोपी दारोगा दीपक सिंह को सस्पेंड करते हुए 16 धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है. वहीं, इस मामले में लापरवाही बरतने के आरोप में सीओ गिरीश सिंह को भी सस्पेंड कर दिया गया है.

इस मामले में पहले ही कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक रामपाल यादव, तत्कालीन चौकी इंचार्ज दीपक सिंह को निलंबित कर दिया गया. वहीं, इस प्रकरण में उचित कार्रवाई न करने पर एसपी हेमराज मीणा को भी हटाते हुए उनके स्थान पर आशीष श्रीवास्तव को बस्ती का नया एसपी बनाया गया है. जबकि अपर पुलिस अधीक्षक रवींद्र सिंह का भी तबादला कर दिया गया.

सभी आरोपी सस्पेंड

पीड़ित युवती की तहरीर पर पुलिस ने मुख्य आरोपी दारोगा दीपक सिंह, उसके भाई दारोगा राजन सिंह, पूर्व कोतवाल रामपाल यादव, पूर्व महिला थाना प्रभारी शीला यादव, दारोगा अभिषेक सिंह, कानूनगो सतीश, लेखपाल शालिनी सिंह, सिपाही पवन कुशवाहा, आलोक कुमार, संजय कुमार, दीक्षा यादव, नीलम सिंह पर केस दर्ज किया गया है. एसपी आशीष श्रीवास्तव ने बताया कि सभी नामजद पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है.

लॉकडाउन में लिया था लड़की का नंबर

युवती ने बताया कि एक साल पहले लॉकडाउन के दौरान दादी की दवा लेने के लिए दुकान पर जा रही थी. इस दौरान सानूपार चौकी पर तैनात दारोगा दीपक सिंह ने रोका और कागजात चेकिंग के बहाने मोबाइल नंबर ले लिया. इसके बाद दारोगा उसके नंबर पर कॉल करने लगा. साथ ही वाट्सएप पर अश्लील टेक्स्ट भेजने लगा. दारोगा से बात करने से इंकार कर नंबर को ब्लॉक करते ही परिजनों पर मुकदमों की बौछार कर दी.

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बता दें कि आशिक मिजाज दारोगा ने उसके भाई के खिलाफ जानलेवा हमला, बंधक बनाने व पिस्टल छीनने का केस दर्ज करा दिया. इसमें लड़की के भाइयों, बहन व अन्य का नाम भी शामिल किया गया. आरोप है कि एक साल के भीतर कुल 8 केस उसके परिजनों पर दर्ज हुए. जिसकी वजह से पीड़ित और उसके घर की तीन लड़कियों की शादी भी टूट गई.

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