पटना. बिहार विधानसभा चुनाव  अकेले लड़ने के फैसले पर एलजेपी प्रमुख चिराग पासवान पर सवाल खड़े होने लगे हैं. चुनाव में करारी हार के बाद पार्टी के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष चिराग पासवान ने फैसला लिया है. बुधवार को पटना में बिहार संसदीय बोर्ड की बैठक के दौरान उन्‍होंने बिहार की प्रदेश इकाई के साथ सभी जिला कमेटियां भंग करने का ऐलान किया है.

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संसदीय बोर्ड की बैठक में बिहार प्रदेश के सभी उपाध्यक्ष, सांसद, पूर्व सांसद, पूर्व विधायक और लोजपा के सभी प्रवक्ता मौजूद रहे. पार्टी को मजबूत करने के लिए अगले दो महीने में सभी कमेटियों को गठन किया जाएगा. पार्टी ने साफ कहा कि सभी कार्यकर्ताओं को अगले विधानसभा चुनाव की अभी से तैयारी करनी है.

1 सीट पर सीमट गई है एलजेपी

हालांकि चिराग ने अपनी पिछली कमेटी में युवाओं और अनुभवी नेताओं का सही गठजोड़ रखा था. हालांकि, नई कमेटी का रुप रेखा कैसा रहेगा इस पर अब तक कुछ भी स्पष्ट नहीं हो पाया है. बता दें कि बिहार विधानसभा चुनाव में चिराग ने नीतीश के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए सभी सीटों पर जेडीयू के समक्ष अपने कैंडिडेट उतारे थे. एलजेपी भले ही मात्र एक सीटों पर सिमट गई लेकिन जेडीयू को भारी नुकसान पहुंचाने में सफल रही.

चिराग पासवान
चिराग पासवान

आगामी चुनाव की चल रही गर्मी

नीतीश कुमार की जेडीयू को इस बार चुनावी मैदान में चिराग पासवान की अगुवाई में नई लोजपा ने काफी नुकसान पहुंचाया. हालांकि, लोजपा के गठन के बाद से अब तक की चिराग पासवान की पार्टी की सबसे बड़ी हार हुई. लोजपा के 135 उम्मीदवार मैदान में थे और उसने सिर्फ एक सीट जीती है. बावजूद इसके बीच में चुनाव की आशंका देखते हुए चिराग पासवान चुनाव के लिए अभी से ही तैयारी में जुट गए हैं.

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