बिहार में विधानसभा चुनाव के लिए पहले दौर का नामांकन शुरू हो गया है. बावजूद इसके अब तक एनडीए और महागठबंधन में सीटों का मसला नहीं सुलझ पाया है. सभी पार्टियों की बैठकों का दौर जारी है. एनडीए में पेंच एलजेपी की नाराजगी की वजह से फंसा है. चिराग पासवान की पार्टी एलजेपी की नजर ज्यादा सीटों पर है.

आज एलजेपी संसदीय दल की बैठक होगी. चुनाव से पहले यह एलजेपी की आखिरी बैठक है. बैठक में सभी 143 प्रत्याशियों पर चर्चा होगी. एलजेपी 143 सीटों पर उम्मीदवारों की उतारने के मूड में. इस पर फैसला बैठक के बाद लिया जाएगा. अगर एलजेपी NDA से अलग भी होती है तो हैरान वाली कोई बात नहीं होगी. एलजेपी ने नीतीश सरकार पर हमले तेज कर दिए हैं.

भ्रष्टाचार का पिटारा है सात निश्चय

पार्टी नेताओं का कहना है कि नीतीश सरकार का सात निश्चय का एजेंडा भ्रष्टाचार का पिटारा है. एलजेपी बिहार सरकार के एजेंडे सात निश्चय के कार्यक्रम को नहीं मानती है. एलजेपी की तरफ से साफ कहा ,गया है कि अगर अगली सरकार बनती है तो ‘बिहार फर्स्ट बिहार फर्स्ट’ विजन डॉक्युमेंट को लागू करेगी. पार्टी का मानना है कि सात निश्चय के सभी कार्य अधूरे रह गए. जो अभी तक कार्य हुए हैं उनका भुगतान भी नहीं हुआ. नीतीश सरकार का सात निश्चय का एजेंडा भ्रष्टाचार का पिटारा है.

सीएम नीतीश कुमार( फाइल फोटो )
सीएम नीतीश कुमार ( फाइल फोटो )

एनडीए में नहीं रहना चाहती एलजेपी

एलजेपी नेताओं ने संकेत दे दिए है कि उसे अब एनडीए में नहीं रहना है. एलजेपी अध्यक्ष चिराग पासवान के तेवर नीतीश कुमार के खिलाफ लगातार तल्ख होते जा रहा है. हालांकि, बड़ा सवाल है कि अगर वो केन्द्र में एनडीए के साथ रहते हुए बिहार में जेडीयू के खिलाफ उम्मीदवार उतारेगी तो क्या जेडीयू इसे मानेगी.
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