पटनाः कोरोना से बिहार में बिगड़ रहे हालात के बीच लॉकडाउन लगाने की सुगबुगाहट तेज हो गई है. इस फैसले को लेकर एनडीए में दो फाड़ होता दिख रहा है. पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी की पार्टी ने अपनी ही गठबंधन के सरकार पर सवाल खड़े कर दिए हैं. एक तरफ जहां जीतन राम मांझी ने शर्तों के साथ नीतीश कुमार से लॉक डाउन की मांग कर दी है वहीं हम प्रवक्ता ने भी नीतीश सरकार पर जोरदार हमला किया.

हम प्रवक्ता कहां की कोरोना को लेकर जिस तरह से पूरे देश में महामारी चल रही है. वहीं बिहार भी इससे अछूता नहीं जिसको लेकर मुख्यमंत्री लगातार बैठकें कर रहे हैं लेकिन निष्कर्ष कुछ भी नहीं निकल पा रहा. कोरोना वायरस से बिहार में लोगों की लगातार मौतें हो रही है. दानिश रिजवान का कहना है कि अगर सरकार पूर्व जीतनराम मांझी के मांग को मानते हैं तो लॉकडाउन का समर्थन करें.

मांझी की मांग से बढ़ा कंफ्यूजन

हर पार्टी अलग-अलग अपनी बात सरकार के सामने रख रहे हैं विपक्ष लगातार सरकार के ऊपर हमला भी कर रही है. नेता प्रतिपक्ष भी ट्वीट कर सरकार को घेर रहें हैं लेकिन वही जीतन राम मांझी ने लॉकडाउन को लेकर समर्थन तो जताया लेकिन बिजली बिल, पानी का बिल, स्कूल-कॉलेज फीस, किराया माफ कर देने के लिए कहा. वहीं, उन्होंने बैंक के ईएमआई और जो किराए के मकान में किराएदार रहते हैं उन्हें भी माफ करने की बात कह रहे हैं.

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इस संबंध में मांझी ने अपने Twitter हैंडल से एक बार फिर नीतीश कुमार को नसीहत देते हुए कहा है कि ऐसी के कमरे में बैठकर यह फैसला लेना कहीं से सही नहीं है. जो लोग बाहर निकल रहे हैं जान जोखिम में डाल रहे हैं. वह रोटी और कर्ज को लेकर अन्यथा किसी को अपना जान जोखिम में डालना कोई शौक नहीं है. सीधे तौर पर मुख्यमंत्री को उन्होंने एक बार फिर हमला किया है और कहा है कि ऐसी के कमरे में बैठकर फैसले लेना सही नहीं है.

पटना से विशाल भारद्वाज की रिपोर्ट

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