विदेश में बजेगा बिहार का डंका, लंदन प्रीमियर लीग के लिए बिहार के लाल अकरम का चयन

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पटनाः बिहार में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है. लेकिन इंफ्रास्ट्रक्चर और मूलभूत सुविधाओं के अभाव में बिहार के खिलाड़ी दूसरे राज्यों से क्रिकेट खेलने के लिए मजबूर है. इसके कई उदाहरण है जो दूसरे राज्यों से खेलते हुए न सिर्फ बिहार का नाम रोशन कर रहे हैं बल्कि देश को गौरवान्वित ही कर रहे हैं. बिहार का एक और सितारा है जो अपनी चमक दिखाने के लिए तैयार है.

सिवान जिले के सोनबरसा गांव के रहने वाले युवा क्रिकेट खिलाड़ी अकरम खान का चयन लंदन प्रीमियर लीग के लिए हुआ. अकरम बिहार से निकल कर लंदन में अपने राज्य का डंका बजायेंगें. अकरम खान 30 जनवरी को लंदन के लिए रवाना होंगे. लीग की शुरुआत 5 फरवरी से होने वाला है.

लंदन जायेंगे अकरम खान

अकरम ने अपने क्रिकेट की शुरूआत राजधानी पटना में क्रिकेट एकेडमी ऑफ बिहार से की है. मोईनुल हक स्टेडियम के क्रिकेट पिच पर प्रैक्टिस करने वाले अकरम अंडर-16 का झारखंड लीग कम्लीट कर अंडर 19 का कैंप राजस्थान में राजस्थान के लिए किया. फिलहाल अकरम खान लंदन प्रीमियर लीग में अपना जलवा दिखायेगे.

ऑल राउंडर हैं अकरम

अकरम राइट हैंड बैट्समैन के साथ एक राइट हैंड मीडियम पेसर भी है. अपने उम्दा ऑलराउंडर प्रदर्शन के बदौलत ही अकरम ने लंदन प्रीमियर लीग में अपना जगह पक्का किया है. अकरम ने लंदन प्रीमियर लीग में पहुंचने के लिए अपने शुभचिंतकों शुभचिंतकों का शुक्रिया भी अदा किया है.

भाई-बहनों का मिल रहा साथ

अकरम के कामयाबी के पीछे बहन प्रिया और पूजा है. इसके अलावा उन्हें बड़े भाई के रूप में अब तक इनका साथ निभाने वाले अभिनंदन और लकी हैं. जिन्होंने हर कदम पर अकरम खान को मदद की है. अपने माता-पिता के इकलौते बेटे होने के बावजूद इन्हें कभी भी बहन या भाई की कमी नहीं हुई इन सभी ने हर कदम पर अकरम को अपने छोटे भाई के रूप में हर परिस्थिति में मदद की है. इलाके में लोग इसे हिंदू-मुस्लिम एकता की मिसाल देते हैं.

बहन को दे रहे कामयाबी का श्रेय

अकरम ने डेली सिटी न्यूज से खास बातचीत में कहा कि अगर प्रिया दीदी नहीं होती तो आज इस मुकाम पर शायद नहीं पहुंच पाता. सिविल सर्विसेज की तैयारी करने के बावजूद पढ़ाई के पैसे में से बचाकर उन्हें खेल में आगे बढ़ने के लिए न सिर्फ मदद करती है बल्कि मानसिक तौर पर भी उन्हें किसी भी चुनौती से पार पाने की हिम्मत देती हैं. यहीं कारण है कि वो आज लंदन खेलने के लिए जा रहे हैं.

कमाये हुए पैसे से करेंगे बच्चो की मदद

मुफलिसी से लड़कर इस मुकाम पर पहुंचने वाले हरफनमौला खिलाड़ी अकरम खान बेहद कम उम्र में ही समाज सेवा की भी भाव रखते हैं. अकरम बताते हैं कि वह खेल में कमाए हुए पैसे उन गरीब बच्चों के बीच में बाटेंगे जिन्हें पढ़ाई या फिर खेल में मूलभूत सुविधाओं से वंचित होना पड़ता है.

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