पटनाः बिहार में नव गठित नीतीश सरकार ने कुछ दिन पहले ही राजधानी पटना को बिहार का पहला और सबसे बड़ा एलिवेटेड रोड जनता को समर्पित किया. वहीं, अब केंद्र की मोदी सरकार पटना रिंग रोड के रामनगर-कच्ची दरगाह सेक्शन के 14 किमी हिस्से के लिए जमीन अधिग्रहण मद में खर्च होने वाली राशि भी उपलब्ध कराएगा.

सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने पथ निर्माण विभाग की मांग को स्वीकार करते हुए 14 किमी हिस्से की सड़क के लिए जमीन अधिग्रहण का खर्च उठायेगी. इस पर आठ सौ करोड़ रुपए का खर्च आ रहा है. हालांकि, तय प्रावधान के तहत जमीन अधिग्रहण मद की राशि राज्य सरकार को खर्च करनी थी. जबकि पथ निर्माण विभाग का तर्क था कि भारतमाला प्रोजेक्ट का हिस्सा होने की वजह से सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय को जमीन अधिग्रहण की राशि देनी चाहिए.

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केंद्र ने मानी बिहार की बात

केंद्र और राज्य सरकार के बीच आखिरकार कई स्तर पर हुई चर्चा के बाद इस पर सहमति बन गयी. अब सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ही 14 किमी लंबे इस स्ट्रेच के लिए जमीन अधिग्रहण की राशि उपलब्ध कराएगा. जमीन अधिग्रहण से जुड़े मसले के सुलझते ही रिंग रोड का काम तेजी से आगे बढ़ेगा. इसके लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट भी प्रक्रिया में है.

बता दें कि भारतमाला प्रोजेक्ट के तहत औैरंगाबाद-दरभंगा सड़क एक बड़े व महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट के रूप में है. इसके लिए गया, जहानाबाद, नालंदा, समस्तीपुर, वैशाली के अलावा दरभंगा में जमीन का अधिग्रहण किया जायेगा. इसका निर्माण चार पैकेज में होगा. फिलहाल प्रोजेक्ट के एलायनमेंट पर भी सहमति बन गई है. वहीं गया, जहानाबाद व नालंदा में जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू हो गई है. जबकि समस्तीपुर, वैशाली व दरभंगा में फिलहाल नहीं हो पाया है.

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