पटनाः एनडीए में सीट शेयरिंग को लेकर उपजा विवाद थमने के बजाए बढ़ता ही जा रहा है. जेडीयू और एलजेपी के बीच बयानबाजी से तल्खी बढ़ गई है. एलजेपी ने सीएम नीतीश कुमार पर अब सात निश्चय को लेकर मोर्चा खोल दिया है. एलजेपी ने नीतीश सरकार के सात निश्चय का एजेंडा भ्रष्टाचार का पिटारा बताया है. वहीं, एनडीए से बाहर आकर लड़ने के लिए अपना प्लान भी तैयार कर रखआ है. एलजेपी एक नये नारे के साथ चुनाव में उतर सकती है.

LJP की तरफ से बिहार फर्स्ट, बिहारी फर्स्ट नाम से तैयार विजन डॉक्युमेंट में नीतीश कुमार के बहुचर्चित सात निश्चय कार्यक्रम पर बेहद गम्भीर सवाल उठाए गए हैं. इसे भ्रष्टाचार का पिटारा बताया गया है. एलजेपी का कहना है कि सात निश्चय कार्यक्रम के सभी कार्य अधूरे रह गये हैं इसलिए LJP उसे नहीं मानती है. पार्टी ने एक बड़ा ऐलान करते हुए कहा है कि सात निश्चय कार्यक्रम के भ्रष्टाचार की जांच कर दोषियों को जेल भेजा जाएगा. इसे सीधे नीतीश कुमार पर हमला कहा जा सकता है.

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बिहार में गुंजेगा राजस्थान का नारा 

एलजेपी ने अभियान को धार देने के लिए वो नारा भी तैयार किया है जो 2018 में राजस्थान में हुए विधानसभा चुनाव में खूब गुंजा करता था. पार्टी का नारा होगा ‘मोदी से बैर नहीं, नीतीश की खैर नहीं.’ यह नारा साफ संकेत देता है कि चुनाव में पार्टी एनडीए में नहीं रहते हुए भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का समर्थन ही करेगी. बता दें कि एलजेपी ने पहले ही ऐलान किया है कि वो बीजेपी उम्मीदवारों के खिलाफ उम्मीदवार नहीं उतारेगी.

चिराग पासवान (फाइल फोटो)
चिराग पासवान (फाइल फोटो)

आज एलजेपी संसदीय बोर्ड की बैठक

बता दें कि आज एलजेपी संसदीय दल की बैठक होगी. चुनाव से पहले यह एलजेपी की आखिरी बैठक है. बैठक में सभी 143 प्रत्याशियों पर चर्चा होगी. एलजेपी 143 सीटों पर उम्मीदवारों की उतारने के मूड में. इस पर फैसला बैठक के बाद लिया जाएगा. अगर एलजेपी NDA से अलग भी होती है तो हैरान वाली कोई बात नहीं होगी. एलजेपी ने नीतीश सरकार पर हमले तेज कर दिए हैं.

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