पटनाः कल हाजीपुर के कार्यक्रम में अपनी जगह अपने भाई को भेजने को लेकर पशुपालन मंत्री मुकेश साहनी विपक्ष के निशाने पर आ गए हैं. आज विधानसभा में विपक्ष ने जमकर बवाल किया. जब सहनी विधानसभा पहुंचे तो मीडिया के सवालों से बचने की कोशिश करते रहे. हालांकि, उसके बाद यह जरूर कहा कि आ देखें जरा किसमें कितना है दम.

वहीं, अपने भाई को वीआईपी ट्रीटमेंट दिलवाने वाले मंत्री मुकेश सहनी की क्लास लग गई है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने यह मामला सामने आने के बाद संज्ञान में लिया था और विधानसभा में ही कह दिया था कि वह इस पूरे प्रकरण पर रिपोर्ट लेंगे. इसके बाद नीतीश कुमार ने मुकेश सहनी को विधान परिषद तलब किया और फिर दोनों के बीच भाई को वीआईपी ट्रीटमेंट दिलवाने के मामले में बातचीत हुई.

मंत्री ने स्वीकार की गलती

मंत्री मुकेश साहनी ने अपनी गलती स्वीकार कर ली है. मंत्री मुकेश सहनी ने माना है कि उनके भाई की वजह से विभाग और सरकार का प्रोटोकॉल टूटा, मुकेश सहनी ने मीडिया के जरिए अपनी गलती स्वीकार की है. मुकेश सहनी को जिस वक्त नीतीश कुमार ने तलब किया था, उसके बाद ही यह माना जा रहा था कि सहनी को इस पूरे प्रकरण पर सफाई देनी होगी.

सीएम ने मंत्री को किया तलब

जानकार सूत्रों की मानें तो मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आज इस पूरे प्रकरण पर सरकार की हुई किरकिरी से खासे नाराज हैं. इसीलिए उन्होंने मंत्री मुकेश सहनी को तलब किया था. माना जा रहा है कि मंत्री मुकेश सहनी को उन्होंने दो टूक कह दिया कि इस पूरे मामले पर अपनी गलती को स्वीकार करें. उन्हें मीडिया के सामने सफाई देने के लिए भी कहा गया.

मुकेश सहनी ने दी सफाई

विधान परिषद की कार्यवाही खत्म होने के बाद मंत्री मुकेश सहनी जिस वक्त मीडिया के सामने अपनी बात रख रहे थे. उस वक्त उनका चेहरा बता रहा था कि इस पूरे मामले में कितनी पड़ी हुई है. मुकेश सहनी ने सफाई देते हुए कहा कि उनकी पार्टी के नेताओं कार्यकर्ताओं को यह निर्देश दिया गया है कि वीआईपी अध्यक्ष होने के नाते उनके कार्यक्रम स्थल पर आसपास मौजूद सभी लोग मौजूद रहे. हाजीपुर के कार्यक्रम में भी यही हुआ लेकिन उन्होंने सरकारी गाड़ी के इस्तेमाल और अपने भाई को वीआईपी ट्रीटमेंट दिए जाने के मामले में गलती कबूल की है.

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